रायपुर, 13 मार्च। Mahtari Vandan Yojana : राज्य में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है।
बिहान और महतारी वंदन योजना से बढ़ी आत्मनिर्भरता
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार और समूह आधारित गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बना रही हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम पोड़ीदल्हा की निवासी श्रीमती पुष्पलता साहू इसका प्रेरक उदाहरण हैं। पहले उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था।
योजना से मिली आर्थिक मजबूती
साहू बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर माह मिलने वाली सहायता राशि से परिवार की आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। इस राशि से उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिली। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर स्वयं सहायता समूह के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में शामिल हुईं।
मेहनत और समूह की ताकत से बनीं ‘लखपति दीदी’
समूह की ताकत और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपनी आय में लगातार वृद्धि की और आज वे ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। पुष्पलता साहू न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और उन्हें मार्गदर्शन भी देती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं ने महिलाओं को गरीबी से बाहर निकलकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला है।

