रायपुर, 12 मार्च। Review Meeting : छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
बैठक में बताया गया कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों को गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता से गैस आपूर्ति
ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को ही दिए जा रहे हैं। इस पर सचिव कंगाले ने निर्देश दिया कि परीक्षाओं को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को गैस आपूर्ति प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।
होटलों को सीमित मात्रा में आपूर्ति पर विचार
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लगभग 15 प्रतिशत कमर्शियल गैस आपूर्ति होटलों और अन्य आवश्यक प्रतिष्ठानों को भी दी जा सकती है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
अवैध गैस रिफिलिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई
सचिव ने जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि कालाबाजारी और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा सके।
डीजल-पेट्रोल और सीएनजी की भी समीक्षा
बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनियों के अनुसार राज्य के तीनों डिपो में इनका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों को इनकी आपूर्ति और वितरण पर भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य सचिव रीना कंगाले ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की शॉर्टेज नहीं है। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।

