रायपुर, 12 मार्च। National Rural Mission : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल सरगुजा जिले के ग्राम गुमगरा खुर्द की रहने वाली जल कुमारी तिग्गा हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से गरीबी को पीछे छोड़ते हुए नई पहचान बनाई है।
अंधेरे से उजाले की ओर एक कदम
जल कुमारी बताती हैं कि वर्ष 2013 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उन्हें बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी नहीं थी। 16 मार्च 2013 को जब वे महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तभी से उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह के माध्यम से छोटी-छोटी बचत की आदत ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया।
सूकर पालन से शुरू हुआ स्वावलंबन का सफर
समूह से जुड़ने के बाद उन्हें रिवॉल्विंग फंड (RF) के रूप में वित्तीय सहायता मिली। उन्होंने इस राशि से मात्र 1500 रुपये का ऋण लेकर सूकर पालन शुरू किया। इस छोटे से प्रयास से उन्हें हर साल 30 से 35 हजार रुपये की आमदनी होने लगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
व्यापार में विस्तार और बढ़ी आय
सफलता मिलने के बाद जल कुमारी ने सामुदायिक निवेश कोष (CIF) से 70 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। उन्होंने किराना दुकान खोली और आटा चक्की तथा धान चक्की भी शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने 2 बकरियों से बकरी पालन शुरू किया, जो आज बढ़कर 17-18 बकरियों तक पहुंच गया है। इससे उन्हें हर साल 25 से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आय मिल रही है।
आज उनकी कुल सालाना आय 1.5 से 2 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
बच्चों की पढ़ाई बनी सबसे बड़ी खुशी
जल कुमारी के अनुसार उनकी सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं। वे गर्व से कहती हैं कि बिहान योजना ने उन्हें नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है।
शासन की योजनाओं से मिली नई दिशा
अपनी सफलता का श्रेय जल कुमारी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को देती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के कारण आज गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रही हैं।

