रायपुर, 12 मार्च। Illegal Wood Seized : छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल ने वन अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन और हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जप्त किया है। यह कार्रवाई पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर क्षेत्र में की गई।
गश्त के दौरान पकड़ा गया संदिग्ध ट्रैक्टर
वन विभाग के अनुसार 6 मार्च की रात करीब 11:45 बजे वन विकास निगम की टीम संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पीएफ/1467 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा की कच्ची सड़क पर बिना नंबर प्लेट का एक संदिग्ध ट्रैक्टर आता दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी ली।
ट्रैक्टर में मिली सागौन और हल्दू की लकड़ी
जांच के दौरान ट्रैक्टर में सागौन और हल्दू की लकड़ी लदी हुई मिली, जिसका परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था। इसके बाद वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत मामला दर्ज किया।
7.5 लाख का ट्रैक्टर और लकड़ी जब्त
कार्रवाई के दौरान स्वराज ट्रैक्टर (मॉडल 735 एफई) को जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.5 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा ट्रैक्टर से करीब 0.667 घन मीटर सागौन और हल्दू की लकड़ी बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये आंकी गई है।
वाहन राजसात करने की प्रक्रिया शुरू
प्रकरण की सूचना प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को दे दी गई है। साथ ही भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के तहत वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वाहन की जप्ती की सूचना क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेज दी गई है, ताकि वाहन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण न हो सके।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन और दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में जागेश गोंड (परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी), रंजीत कुमार पटेल (सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), जसपाल सिंह मरकाम (क्षेत्ररक्षक) सहित सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा। वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

