रायपुर, 12 मार्च। CG BIHAAN : पारंपरिक कौशल जैसे मिट्टी के बर्तन, कढ़ाई और लकड़ी का काम स्थानीय सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं।
बिहान योजना से मिला स्वरोजगार का अवसर
समूह की सदस्य बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
परंपरा और संस्कृति को मिल रहा संरक्षण
महिलाओं के अनुसार यह कार्य केवल व्यवसाय ही नहीं, बल्कि परंपराओं, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। स्थानीय संसाधनों से तैयार किए गए उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।
हाट-बाजार और मेलों में बढ़ी मांग
बिहान योजना के तहत प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार और मेलों में लोकप्रिय हो चुके हैं। इससे महिलाओं की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
महिलाओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं के लिए हस्तशिल्प उत्पाद आय का महत्वपूर्ण साधन बनकर उभर रहा है, जो उन्हें नई पहचान भी दिला रहा है।

