Site icon AB News.Press

Bastar : जन्मजात कटे होंठ-तालु से जूझ रहे विक्रम को मिली नई मुस्कान…चिरायु योजना से हुआ सफल ऑपरेशन

Bastar: Vikram, suffering from congenital cleft lip and palate, got a new smile...successful operation done under Chirayu Yojana

Bastar

रायपुर, 11 मार्च। Bastar : बस्तर जिले के सुदूर वनांचल में बसे तारागांव की गलियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है। यह गूंज है 6 वर्षीय बालक विक्रम कश्यप की मुस्कान और उसके साफ शब्दों की। मजदूर परिवार में जन्मे विक्रम के लिए जीवन की शुरुआत संघर्षों से भरी रही। जन्मजात कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एंड पेलेट) की समस्या के कारण उसे भोजन करने और स्पष्ट बोलने में काफी दिक्कत होती थी।

गांव वालों की नजरों से झिझकता था विक्रम

शारीरिक परेशानी से ज्यादा विक्रम को लोगों की नजरों और बच्चों के बीच होने वाली झिझक का सामना करना पड़ता था। वह अक्सर अपना चेहरा छिपाए रहता और अन्य बच्चों की तरह खुलकर हंसने का सपना ही देखता था।

चिरायु दल की नजर पड़ी, बदल गई किस्मत

विक्रम की जिंदगी में बदलाव तब आया जब शासन का चिरायु दल आंगनबाड़ी जांच के लिए तारागांव पहुंचा। जांच के दौरान टीम ने विक्रम की स्थिति का सही निदान किया और उसके पिता नरसिंग कश्यप को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया। शुरुआत में परिवार को ऑपरेशन को लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निरंतर प्रयासों से वे तैयार हो गए।

रायपुर में हुआ सफल ऑपरेशन

खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहण्डीगुड़ा और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र के सहयोग से विक्रम को इलाज के लिए रायपुर के मेडिशाइन अस्पताल ले जाया गया। वहां विशेषज्ञ शल्य चिकित्सकों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया और उसके कटे होंठ व तालु को ठीक कर दिया।

अब आत्मविश्वास से भरा है विक्रम

कुछ ही सप्ताह बाद जब विक्रम अपने गांव लौटा तो उसका रूप ही बदल चुका था। जो बच्चा पहले अपना चेहरा छिपाता था, अब वह आत्मविश्वास के साथ सबके सामने मुस्कुराता है। वह अब साफ आवाज में बात करता है और घर के कामों में अपनी मां का हाथ भी बंटाता है।

परिवार ने जताया आभार

विक्रम के पिता नरसिंग कश्यप कहते हैं कि शासन की चिरायु योजना उनके बेटे के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस बदलाव के लिए परिवार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया है।

उम्मीद की मिसाल बनी विक्रम की कहानी

विक्रम की यह कहानी बस्तर के दूरस्थ इलाके से यह संदेश दे रही है कि प्रशासन की तत्परता और योजनाओं के सही क्रियान्वयन से किसी भी बच्चे को बेहतर भविष्य का अवसर मिल सकता है।

Exit mobile version