रायपुर, 10 मार्च। CG Aastha Cafe : छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आज एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां केन्द्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध बंदियों द्वारा संचालित ‘आस्था कैफे’ में तैयार किए गए नमकीन उत्पादों का स्वाद विधानसभा के सदस्यों ने लिया। बंदियों द्वारा बनाए गए इन उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की सभी ने सराहना की।
विधानसभा में बंदियों के उत्पादों का प्रदर्शन
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर आज विधानसभा परिसर में जेल में निरुद्ध लोगों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन और वितरण किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने इन उत्पादों का स्वाद लिया और उनके प्रयासों की सराहना की।
जेलों को सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनाने की पहल
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जेलों को अब केवल दंड के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस तरह की पहल बेहद महत्वपूर्ण है।
बंदियों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे सजा पूरी होने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें। नमकीन जैसे उत्पादों के निर्माण से उनकी कार्यकुशलता के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों की सराहना से बढ़ेगा हौसला
उपमुख्यमंत्री ने जेल प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा उत्पादों की सराहना से बंदियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।

