International Women’s Day : ‘लखपति ग्राम’ के रूप में मिली नई पहचान…220 महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक

International Women’s Day : ‘लखपति ग्राम’ के रूप में मिली नई पहचान…220 महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक

रायपुर, 09 मार्च। International Women’s Day : ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत चटौद ने महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की मेहनत से यह गांव आज ‘लखपति ग्राम’ के रूप में उभरकर सामने आया है।

220 महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक

आरसेटी द्वारा किए गए सर्वेक्षण और डिजिटल आजीविका रजिस्टर के आंकड़ों के अनुसार गांव के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 220 महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक दर्ज की गई है। इस उपलब्धि का थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन भी कराया गया, जिसके बाद चटौद को आधिकारिक रूप से ‘लखपति ग्राम’ के रूप में मान्यता मिली।

बिहान मिशन से महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर

बिहान मिशन के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और योजनाओं के मार्गदर्शन से महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित हुई।

कृषि और लघु उद्योगों से बढ़ी आय

गांव की महिलाएं अब कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन और कृषि आधारित लघु उद्योगों से भी जुड़ी हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

ग्रीन फायरवर्क्स निर्माण में मिल रहा रोजगार

चटौद स्थित गणेशा फायरवर्क्स इकाई में लगभग 100 महिलाओं को रोजगार मिला है, जहां वे पर्यावरण अनुकूल ग्रीन फायरवर्क्स का निर्माण कर रही हैं। महिलाओं को एंटरप्राइज लोन और सामुदायिक निवेश कोष जैसी सुविधाओं से भी सहायता मिली है।

‘लखपति दीदियाँ’ बनीं प्रेरणा

आज चटौद की “लखपति दीदियाँ” आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गई हैं। यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

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