कोरबा, 09 मार्च। Corruption Allegation : छत्तीसगढ़ की राजनीति में अफीम की खेती का मुद्दा भयंकर भूचाल बन गया है। कोरबा प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर किसानों को नशे की खेती की ओर धकेला जा रहा है। महंत ने इसे अब तक का सबसे सनसनीखेज आरोप करार दिया।
राजस्थान से बुलाए जा रहे प्रशिक्षक
डॉ. महंत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार अफीम की खेती का प्रशिक्षण देने के लिए राजस्थान से विशेष प्रशिक्षक (मास्टर ट्रेनर्स) बुला रही है। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य भोले-भाले किसानों को पारंपरिक धान की खेती से हटाकर नशे के कारोबार में धकेलना है।
आबकारी विभाग और ‘डबल फेंसिंग’ का खेल
महंत ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग के माध्यम से अफीम की खेती के लिए ‘डबल फेंसिंग’ जैसे कड़े प्रावधानों के तहत जमीन तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जबकि किसान धान खरीदी की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना कर रहे हैं, सरकार अफीम के जरिए राजस्व बढ़ाने और राज्य को नशे की गिरावट में धकेलने की रणनीति बना रही है।
महंगाई और केंद्र सरकार पर कटाक्ष
अफीम के मुद्दे के साथ ही महंत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, जिनका अपना कोई परिवार नहीं है, उन्हें आम गृहिणी के रसोई बजट और बच्चों के पालन-पोषण की परेशानियों का अंदाज़ा कभी नहीं हो सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अफीम की खेती का यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच और अधिक तीखी बहस का केंद्र बन सकता है।

