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CG Department of Culture : धरोहर संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में संस्कृति विभाग की पहल…जिला स्तर पर मजबूत होगा धरोहर संरक्षण का ढांचा

CG Department of Culture: Culture Department's initiative towards increasing public participation in heritage conservation... Heritage conservation framework to be strengthened at the district level

CG Department of Culture

रायपुर, 09 मार्च। CG Department of Culture : प्रदेश की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर संस्कृति विभाग अंतर्गत पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा “जिला पुरातत्त्वीय संघों के निर्माण एवं कार्यविधियाँ” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 07 से 09 मार्च 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित की जा रही है।

जिला स्तर पर मजबूत होगा धरोहर संरक्षण का ढांचा

कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन, उनके कार्यों और दायित्वों को स्पष्ट करना तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। इस पहल के माध्यम से जिला स्तर पर धरोहर संरक्षण के लिए संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के तकनीकी सत्रों में दिया जा रहा प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान पुरातत्त्व, संग्रहालय प्रबंधन और विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में धरोहर संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।

संग्रहालय संचालन में जिला संघों की भूमिका पर व्याख्यान

प्रथम तकनीकी सत्र में “संग्रहालयों के संचालन में जिला पुरातत्त्वीय संघों की भूमिका” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रो. आर.एन. विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय ने दिया। उन्होंने संग्रहालयों के सुचारु संचालन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और धरोहर संरक्षण में जिला स्तर के संगठनों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव और चुनौतियां

परिचर्चा सत्र में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। साथ ही कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर भी चर्चा की गई, जिस पर विशेषज्ञों ने समाधानात्मक सुझाव दिए।

धरोहर संरक्षण को मिलेगी नई गति

पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय के संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर धरोहर संरक्षण के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पी.सी. पारख, प्रभात कुमार सिंह, डॉ. अरुंधति परिहार, श्रीमती रोशनी शर्मा, डॉ. वृषोत्तम साहू, प्रवीन तिर्की, डॉ. राजीव मिंज, विष्णु नेताम, समीर टल्लू, मुकेश जोशी, अमर भरतद्वाज, नूतन एक्का और अरुण निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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