Jal Jeevan Mission : नल से मिलने लगा पानी…फुलमत बाई की रोज़ाना की मशक्कत हुई खत्म

Jal Jeevan Mission : नल से मिलने लगा पानी…फुलमत बाई की रोज़ाना की मशक्कत हुई खत्म

रायपुर, 02 मार्च। Jal Jeevan Mission : आदिवासी बहुल Korba जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई के जीवन में जल जीवन मिशन ने नई रोशनी भर दी है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने वाली फुलमत बाई आज अपने घर में लगे नल से नियमित जल आपूर्ति का लाभ उठा रही हैं।

 दो से तीन किलोमीटर की रोज़ाना मशक्कत

घर में नल कनेक्शन नहीं होने के कारण फुलमत बाई को प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। नाले के पास बने अस्थायी जल स्रोत से पानी भरकर बड़े बर्तन को सिर पर रखकर घर लाना उनकी दिनचर्या बन चुकी थी। बरसात में फिसलन भरे रास्ते और गर्मियों में घटता जल स्तर उनकी कठिनाइयों को और बढ़ा देता था। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली इस वृद्धा के लिए यह संघर्ष वर्षों तक जारी रहा।

अब घर पर मिल रहा नियमित पानी

जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन लगने के बाद अब रोज सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य तीनों की बचत हो रही है। फुलमत बाई कहती हैं, “अब ढोढ़ी तक नहीं जाना पड़ता। घर पर ही पानी मिल जाता है, इससे बहुत राहत मिली है।”

अन्य योजनाओं से भी मिला संबल

फुलमत बाई को Mahtari Vandan Yojana के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि भी मिल रही है, जो उनके दैनिक खर्चों में सहारा बन रही है। सरकारी योजनाओं के समन्वित प्रभाव से उनका जीवन अब अधिक सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक हो गया है।

बदलती तस्वीर, सशक्त होता गांव

जल जीवन मिशन जैसे कार्यक्रम न केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन में गरिमा और आत्मनिर्भरता भी ला रहे हैं। नवापारा की फुलमत बाई की कहानी इस बदलाव का जीवंत उदाहरण है।

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