Assembly Updates : 2937 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण…! छत्तीसगढ़ विधानसभा में MLA मंडावी के सवाल पर गृह मंत्री ने दिया ये जवाब
Shubhra Nandi
Assembly Updates
रायपुर, 26 फरवरी। Assembly Updates : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को नक्सलियों के सरेंडर और पुनर्वास नीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सवाल उठाया कि नक्सल पुनर्वास नीति क्या है, 2023 से अब तक कितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और इनामी नक्सलियों में से किसे राशि दी गई और कितनी शेष है।
आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों के आंकड़े
गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि 9 फरवरी 2026 तक कुल 2,937 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 1,496 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर सरेंडर किया। इसके अतिरिक्त, सूचनाओं के अनुसार अक्टूबर 2025 तक भी अभियान के दौरान हजारों नक्सलियों ने हथियार डालकर सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम का विकल्प चुना है और अलग‑अलग घटनाओं में कई समूहों ने आत्मसमर्पण किया।
इनामी नक्सलियों को भुगतान और शेष राशि
उन्होंने कहा कि अब तक नक्सलियों को पुनर्वास की प्रारंभिक राशि 5 करोड़ 64 लाख रुपए दी जा चुकी है, जबकि इनामी नक्सलियों पर घोषित इनाम की 49 करोड़ 34 लाख रुपए अभी शेष हैं। मंत्री ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों को राशि इस तरह दी जा रही है कि वे तीन साल बाद बैंक से पैसे निकाल सकेंगे। सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सलियों को मुख्यधारा में लाना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक मदद प्रदान करना है।
क्या है नक्सल पुनर्वास नीति?
छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘पुनर्वास नीति’ के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहन दिया है। इस नीति के तहत आम तौर पर शामिल प्रावधान हैं, आत्मसमर्पण करने पर आर्थिक सहायता, रहने, भोजन और सिखलाई/कौशल प्रशिक्षण, भविष्य में बैंक में पैसे निकालने का विकल्प, कुछ मामलों में आवास तथा रोजगार संबंधी मदद आदि। (इनमें से कई प्रावधान 2025 की नीति के अनुसार बताए गए हैं, 2026 में भी इसी तर्ज़ पर नीति लागू है, जिसमें नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और विकास‑केन्द्रित सहायता दी जाती है।