School Education : शिक्षा व्यवस्था सुधार की पहल…! अटैचमेंट पर सख्ती…शिक्षकों को लौटना होगा मूल स्कूल…DPI का बड़ा आदेश
Shubhra Nandi
chool Education
रायपुर, 25 फरवरी। School Education : छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। वर्षों से अटैचमेंट के नाम पर गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को अब अपने मूल पदस्थापना स्थल पर लौटना होगा। लोक शिक्षण संचालनालय के सख्त निर्देश के बाद प्रदेशभर में ऐसे संलग्नीकरण समाप्त किए जा रहे हैं, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ (DPI) ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी करते हुए प्रदेशभर में गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। शासन का यह फैसला न केवल पारदर्शिता की दिशा में पहल है, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की ठोस कोशिश भी माना जा रहा है।
संयुक्त संचालक और डीईओ को निर्देश
डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग) और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि यह देखने में आया है कि विभाग के कई शिक्षक और कर्मचारी अपनी मूल सेवाएं छोड़कर अन्य कार्यालयों/संस्थाओं में गैर-शिक्षकीय कार्यों में लगे हुए हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि ऐसे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर उनकी मूल संस्था में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और की गई कार्रवाई से संचालनालय को अवगत कराया जाए।
कलेक्टर और कमिश्नर को भी पत्र
डीपीआई ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को भी पत्र भेजकर कहा है कि राज्य शासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि शिक्षक संवर्ग के कर्मचारी विभिन्न कार्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न हैं। इससे स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी संलग्नीकरण तत्काल समाप्त किए जाएं और संबंधित शिक्षकों को उनके मूल स्कूल में अध्यापन कार्य के लिए भेजा जाए।
7 दिन में देनी होगी जानकारी
डीपीआई ने स्पष्ट किया है कि संलग्नीकरण समाप्त किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र 7 दिवस के भीतर संचालक, लोक शिक्षण को अनिवार्य रूप से भेजना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं।