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Mid Day-Meal : विद्यालय की बगिया से सीधे थाली तक पहुंच रहा पोषण…मिड-डे मील की नई मिसाल

Mid-Day Meal: Nutrition reaches the plate directly from the school garden… a new example of mid-day meal

Mid-Day Meal

रायपुर, 25 फरवरी। Mid Day-Meal : विद्यालय की बगिया से थाली तक एक अनूठी पहल है, जिसमें छात्र स्कूल परिसर में उगी ताजी, जैविक सब्जियां सीधे अपने मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) में खाते हैं। यह न केवल पौष्टिक आहार सुनिश्चित करता है, बल्कि छात्रों को प्रकृति, श्रम और खेती का व्यावहारिक ज्ञान भी देता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के विद्यालयों में किचन गार्डन की एक अनूठी पहल बच्चों के पोषण और व्यावहारिक शिक्षा दोनों को नई दिशा दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन पोषण सुदृढ़ीकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। विद्यालय परिसर में शिक्षकों के मार्गदर्शन में विकसित इस बगीचे से नियमित रूप से ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किचन गार्डन से लगभग 4 किलोग्राम ताज़ी सेमी (फली) की तुड़ाई की। बच्चों ने स्वयं पौधों की देखभाल, सिंचाई, निदाई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे उन्होंने श्रम का महत्व तो समझा ही, साथ ही कृषि एवं पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया। विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना, जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताज़ी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है। विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावकगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। विद्यालय प्रशासन ने संकल्प व्यक्त किया है कि आगे भी किचन गार्डन में विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को पोषण और ज्ञान दोनों निरंतर मिलते रहें।
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