सूरजपुर, 18 फरवरी। Big News : जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रपुर गांव में ठंड से बचने के लिए जलाई गई कोयले की सिगड़ी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। बंद कमरे में जमा जहरीली गैस के कारण पति-पत्नी और उनकी तीन वर्षीय बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवल अपनी पत्नी कुन्ती और तीन वर्षीय बेटी ममता के साथ प्रधानमंत्री आवास के एक कमरे में सो रहे थे। घर के अन्य सदस्य और दो बच्चे दूसरे कमरे में थे। ठंड अधिक होने के कारण दंपती ने कमरे के भीतर सिगड़ी में कोयला जलाया और दरवाजा बंद कर सो गए। सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो तीनों अचेत अवस्था में पड़े थे। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
प्राथमिक जांच में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से दम घुटने की आशंका जताई गई है। जिस कमरे में परिवार सो रहा था, वहां न तो खिड़की थी और न ही कोई रौशनदान, जिससे धुआं बाहर निकल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अदृश्य और गंधहीन गैस बनती है, जो धीरे-धीरे ऑक्सीजन की कमी पैदा कर देती है और व्यक्ति को नींद में ही बेहोश कर देती है।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद कमरों में अंगीठी, सिगड़ी या कोयला जलाकर न सोएं और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और सुरक्षित आवासीय संरचना की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

