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Family Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला…! व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को वैवाहिक विवादों में मान्यता

Court Contempt Relief: The Chhattisgarh High Court granted relief from contempt to an advocate… and issued a stern warning to maintain dignity in the future.

Court Contempt Relief

रायपुर, 12 फरवरी। Family Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवादों से जुड़े एक अहम मामले में व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को स्वीकार करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि पति-पत्नी विवादों के मामलों में सच्चाई सामने लाने के लिए डिजिटल सामग्री को अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

यह मामला रायपुर निवासी एक पति द्वारा फैमिली कोर्ट में दायर तलाक की याचिका से जुड़ा था, जिसमें उसने अपनी पत्नी की अन्य व्यक्तियों के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत और कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर पेश किया। पति ने तर्क दिया कि यह डिजिटल साक्ष्य वैवाहिक संबंधों में आए गंभीर विश्वासघात और खटास को दर्शाते हैं, जो मामले के न्यायपूर्ण निपटारे के लिए आवश्यक हैं।

हालांकि, पत्नी ने इसका विरोध किया और इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया, लेकिन फैमिली कोर्ट ने उसकी आपत्ति खारिज कर दी। इसके बाद, पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि फैमिली कोर्ट को पारिवारिक विवादों के मामलों में यह विशेष अधिकार है कि वह किसी भी प्रासंगिक दस्तावेज या जानकारी को सबूत के रूप में स्वीकार कर सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि निजता का अधिकार निरपेक्ष नहीं होता और जब मामला न्यायालय के समक्ष लंबित हो, और प्रस्तुत सामग्री का सीधा संबंध विवाद के समाधान से हो, तब निष्पक्ष सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भविष्य में वैवाहिक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भूमिका को मजबूत करेगा, खासतौर पर उन मामलों में, जहां निजी संवाद ही विवाद की जड़ बनते हैं।

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