रायपुर, 08 फरवरी। 51 Maoist Cadres Surrender : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और बड़ी सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 तथा सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि हथियार छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी विकास ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से युवाओं में सकारात्मक बदलाव आया है और वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज से जुड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भर बनने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर तेजी से शांति, विकास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में एक विकसित और समृद्ध क्षेत्र के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

