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Mahadev Satta : महादेव सट्टा कनेक्शन…! दुबई यात्रा और सट्टा लिंक पर गिरी गाज…प्रधान आरक्षक विजय पांडेय सस्पेंड

Mahadev Satta: Mahadev Satta connection…! Action taken over Dubai trip and gambling links… Head Constable Vijay Pandey suspended.

Mahadev Satta

कांकेर, 01 फरवरी । Mahadev Satta : महादेव ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालकों से कथित संबंधों को लेकर चर्चा में आए प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय को कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेजा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय पांडेय वर्तमान में कांकेर जिले के डीसीबी/डीसीआरबी शाखा में पदस्थ था।

जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक विजय पांडेय पिछले कुछ समय से राजनांदगांव जिले में सक्रिय रहकर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में था। इसकी सूचना प्रदेश के खुफिया तंत्र को मिली, जिसके बाद खुफिया चीफ अमित कुमार द्वारा राजनांदगांव के संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद कांकेर पुलिस हरकत में आई और निलंबन की कार्रवाई की गई।

दुबई यात्रा और ईडी जांच में नाम आया था सामने

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि विजय पांडेय बिना विभागीय अनुमति के दुबई गया था, जहां वह महादेव सट्टा एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर के आतिथ्य में ठहरा था। इस खुलासे के बाद से ही वह लगातार विवादों में बना हुआ था।

कई वरिष्ठ अफसरों का करीबी बताया जा रहा

सूत्रों के मुताबिक, प्रधान आरक्षक विजय पांडेय प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि वह बीते एक सप्ताह से राजनांदगांव जिले में अवैध कारोबारियों से मुलाकात कर रहा था और बैठकों के दौरान अवैध कारोबार से जुड़े प्लान पर चर्चा भी हुई। इन गतिविधियों की सूचना मिलते ही खुफिया विभाग ने रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी।

एसपी के आदेश में क्या कहा गया

पुलिस अधीक्षक, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेख है कि, प्रधान आरक्षक विजय कुमार पाण्डेय को बिना किसी सूचना के कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, कांकेर निर्धारित किया गया है और वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे। इसके साथ ही एसपी ने आदेश में यह भी निर्देश दिए हैं कि इस पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप है और आगे की जांच में और भी खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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