Site icon AB News.Press

Loot And Attack : खतरनाक लूटपाट और मारपीट…! शिवरीनारायण-पामगढ़ में 13 लोग घायल…मुठभेड़ में आरोपी के पैर में लगी गोली…Video

Looting and Attack: Dangerous robbery and assault…! 13 people injured in Shivrinarayan-Pamgarh…Accused shot in the leg during encounter…Video

Loot And Attack

बिलासपुर/शिवरीनारायण, 01 फरवरी। Loot And Attack : 27 और 29 जनवरी की रातों के बीच पामगढ़ और शिवरीनारायण पुलिस स्टेशन इलाकों में पांच अलग-अलग जगहों पर लूट और गंभीर हमले की घटनाएं हुईं। इन हमलों में तेरह नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो अभी भी बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में गंभीर हालत में हैं, और एक मरीज़ कोमा में है।

पुलिस ने मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नवमी आरोपी की घेराबंदी के दौरान उसने कट्टे से फायर किया, जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली लगाई। आरोपी और उसके साथियों ने रॉड, डंडा और बेल्ट जैसी हथियारों के साथ आतंक मचाया।

घायलों की सूची

थाना शिवरीनारायण:

  1. मुकेश राय सागर – ICU में गंभीर
  2. अमन बंजारे – ICU में गंभीर
  3. दीपक कुमार कश्यप – सिर में चोट
  4. प्रशांत कश्यप – चोट
  5. अनिकेत राय सागर – सिर में चोट
  6. आर्यन – साधारण चोट
  7. सुमित बंजारे – साधारण चोट
  8. अनिकेत रायसागर – साधारण चोट

थाना पामगढ़:

  1. कैलाश दास – चोट
  2. बसंत दास – चोट
  3. शुभम यादव – चोट
  4. संजीव कुर्रे – चोट
  5. आशीष वानी – चोट
  6. सुखनंदन कश्यप – चोट
  7. लक्ष्मण यादव – गंभीर चोट

गिरफ्तार आरोपियों में निखिल टंडन, मनीराम गोंड, नरेश यादव, रोशन टंडन, आयुष रात्रे, सनी, रामनाथ (जिसे मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी) और दो अन्य नाबालिग शामिल हैं।

बरामद हथियारों और सामान में 4 स्टील रॉड, 2 लाठियां, 1 बेल्ट, 2 KTM मोटरसाइकिल, 1 CD Deluxe मोटरसाइकिल, 1 Hero स्कूटर, आरोपियों के 7 मोबाइल फोन, 3 चोरी के मोबाइल फोन और ₹9,000 कैश शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹4,09,000 है।

अपराध और एफआईआर धारा

थाना शिवरीनारायण अपराध क्रमांक: 44/26, 46/26 – धारा 296, 351(3), 109(1), 309(2), 3(5) बीएनएस थाना पामगढ़ अपराध क्रमांक: 40/2026, 41/2026, 45/2026 – धारा 126(2), 296, 351(2), 115(2), 309(6), 3(5) बीएनएस

वारदात का तरीका

आरोपी मोटरसाइकिलों से सुनसान और अंधेरे रास्तों पर घूमते थे। राहगीरों को रोककर सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल करते और मोबाइल, नकदी व अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते थे। यह पूरी योजना सुनियोजित और संगठित थी, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत फैल रही थी।

Exit mobile version