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Dhaan Kharidi : कोरबा में धान खरीदी अभियान समाप्त…! दूसरे साल भी लक्ष्य से 12% दूर रहा जिला…17% किसान नहीं बेच सके धान

Paddy Procurement: Paddy procurement campaign ends in Korba...! The district remained 12% short of the target for the second consecutive year... 17% of farmers were unable to sell their paddy.

Dhaan Kharidi

कोरबा, 31 जनवरी। Dhaan Kharidi : समर्थन मूल्य पर चल रहा धान खरीदी अभियान शुक्रवार को समाप्त हो गया। आकांक्षी जिला कोरबा लगातार दूसरे वर्ष निर्धारित लक्ष्य से पीछे रह गया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले को 31.19 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन 12.21 फीसदी की कमी के साथ जिला केवल 27 लाख 38 हजार 120.40 क्विंटल धान की ही खरीदी कर सका। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक चले इस अभियान में जिले की 41 समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों में 43 हजार 566 किसानों ने समर्थन मूल्य पर 648 करोड़ 66 लाख 7 हजार 227.60 रुपए का धान बेचा। जबकि एग्रिस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत कुल 52 हजार 556 किसानों में से 8 हजार 990 किसान (17.10 फीसदी) धान बेचने उपार्जन केंद्र तक नहीं पहुंच सके। गत वर्ष 2024-25 की तुलना में भी स्थिति कमजोर रही। पिछले साल 29 लाख 15 हजार 548.80 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जबकि इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 428 क्विंटल (6.08 फीसदी) कम खरीदी दर्ज की गई। वहीं किसानों की संख्या भी घटकर 861 कम रही। धान खरीदी में भैसमा उपार्जन केंद्र लगातार दूसरे वर्ष भी सिरमौर रहा, जहां 88 हजार 54.60 क्विंटल धान की खरीदी हुई।

उठाव की लचर व्यवस्था, 300 करोड़ से ज्यादा का धान जाम

31 जनवरी की स्थिति में खरीदे गए धान में से केवल 14 लाख 13 हजार 970 क्विंटल (51.64 फीसदी) का ही उठाव हो सका है। शेष 13 लाख 24 हजार 150.40 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 304 करोड़ 55 लाख 45 हजार 920 रुपए है, जिले के 65 उपार्जन केंद्रों में जाम पड़ा हुआ है। मार्कफेड द्वारा शत-प्रतिशत उठाव के लिए डीओ जारी किए जाने के बावजूद, प्रदेश के कुछ जिलों में राइस मिलरों की कथित दगाबाजी और रिसाइक्लिंग मामलों के बाद पखवाड़े भर से धान उठाव पर रोक लगी हुई है। ऑनलाइन गेट पास जारी नहीं होने से उठाव पूरी तरह ठप है। लगातार तेज धूप के कारण नमीयुक्त धान सूख रहा है, जिससे वजन में कमी आ रही है। इसका आर्थिक नुकसान हर साल की तरह इस बार भी समितियों को उठाना पड़ रहा है। जिले में इस वर्ष उठाव व्यवस्था सबसे अधिक कमजोर मानी जा रही है।

13 लाख क्विंटल धान का उठाव ठप

जिले के 24 उपार्जन केंद्रों में 20 हजार क्विंटल से अधिक, 12 केंद्रों में 30 हजार क्विंटल से अधिक और 5 केंद्रों में 40 हजार क्विंटल से अधिक धान जाम है। इनमें हाथी प्रभावित बरपाली (कोरबा), बरपाली (बरपाली), भैसमा, कोरबी (पाली) और नवापारा प्रमुख हैं। कोरबा जिला मार्केटिंग ऑफिसर रितुराज देवांगन ने बताया कि फिलहाल हेडक्वार्टर लेवल पर धान की खरीद पर रोक लगी हुई है। सरकारी निर्देश जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
 
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