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Bijapur Encounter : बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़…! पामेड़ एरिया कमेटी के 2 नक्सली ढेर

Bijapur Encounter: Encounter between security forces and Naxalites in Bijapur! Two Naxalites of the Pamed Area Committee killed.

Bijapur Encounter

बीजापुर, 30 जनवरी। Bijapur Encounter : बीजापुर जिले के थाना पामेड़ क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा–गुंडराजगुड़ेम जंगल के पहाड़ी इलाके में गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पामेड़ एरिया कमेटी के दो नक्सली कैडर मारे गए। मुठभेड़ स्थल से दोनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की विशिष्ट आसूचना के आधार पर 28 जनवरी की शाम डीआरजी टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। अभियान के दौरान 29 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ हुई।

फायरिंग थमने के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से वर्दीधारी दो माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक पहचान के अनुसार मारे गए नक्सलियों में, एसीएम प्रदीप उर्फ जोगा, पामेड़ एरिया कमेटी सदस्य (घोषित इनाम ₹5 लाख) पीएम भीमा वेको, पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी (घोषित इनाम ₹2 लाख) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री तथा अन्य नक्सली सामान भी बरामद किया गया है।

कई हिंसक घटनाओं में संलिप्त

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी क्षेत्र में हुई कई हिंसक घटनाओं और नागरिकों की हत्याओं में संलिप्त थे। इनमें हाल ही में कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या की घटना भी शामिल है।

एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि जिले में माओवादियों के खिलाफ आसूचना-आधारित अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और जिले में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए अभियान पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा।

वहीं आईजी बस्तर सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी संगठन कमजोर हुआ है। उन्होंने शेष बचे कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने की अपील की। मुठभेड़ के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टीमें क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

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