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Name With Pride : 26 जनवरी टेलर ‘नाम’ की अद्वितीय यात्रा…! गणतंत्र दिवस का गौरव…यहां सुनिए VIDEO

Name With Pride: The unique journey of the trailer 'Naam' on January 26th...! The pride of Republic Day...Watch the VIDEO here!

Name With Pride

मंदसौर, 28 जनवरी। Name With Pride : यह कहानी एक दिलचस्प और प्रेरणादायक उदाहरण है कि कैसे नाम इंसान की पहचान, संघर्ष और आत्मसम्मान से जुड़ा होता है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में रहने वाले 26 जनवरी टेलर का नाम सुनकर लोग पहले चौंक जाते हैं, लेकिन जब इसके पीछे की कहानी जानते हैं, तो यह नाम और भी ज्यादा सम्मानजनक लगता है।
26 जनवरी टेलर का जन्म उसी दिन हुआ था, जब भारत देश गणतंत्र दिवस मनाता है। उनके पिता, सत्यनारायण टेलर, जो पेशे से शिक्षक थे, उस दिन स्कूल में झंडा वंदन कार्यक्रम में शामिल थे। जब उन्हें खबर मिली कि उनके घर बेटे का जन्म हुआ है, तो उन्होंने भावुक होकर बेटे का नाम 26 जनवरी रख दिया। यही नाम धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया।

बचपन में नाम बना परेशानी का कारण

हालांकि बचपन में यह नाम उनके लिए परेशानी का कारण बना। स्कूल में बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे, और वे इस नाम से बहुत ज्यादा परेशान होते थे। इसके बावजूद, उन्होंने कभी अपने नाम को बदलने की कोशिश नहीं की, बल्कि समय के साथ इसे अपनी पहचान बना लिया। सरकारी दफ्तरों में भी इस नाम को लेकर उन्हें कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ा, जैसे फॉर्म में नाम की सही पुष्टि न होना या अधिकारी यह पूछना कि यह सच में नाम है या तारीख।
लेकिन जब 26 जनवरी टेलर ने सरकारी नौकरी में कदम रखा, तो उनका नाम एक तरह से उनकी पहचान बन गया। ऑफिस में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक 26 या छब्बीस कहकर बुलाते हैं। शहर में लोग उन्हें इस अनोखे नाम के लिए जानते हैं और खासतौर पर गणतंत्र दिवस के आसपास उन्हें बधाई देने आते हैं। मीडिया में भी उनकी कहानी चर्चा का विषय बन चुकी है।

खुद इस नाम पर करते हैं गर्व

26 जनवरी टेलर खुद इस नाम पर गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि यह नाम उन्हें देश से जोड़ता है। जब तिरंगा फहराता है और राष्ट्रगान गूंजता है, तो उन्हें महसूस होता है कि उनका नाम कुछ खास है। वे मानते हैं कि यही नाम उन्हें लाखों लोगों की भीड़ में अलग पहचान देता है। 26 जनवरी, जो पेशे से दर्जी हैं, कहते हैं कि उन्हें अपने नाम पर गर्व है। हर साल, जब पूरा देश 26 जनवरी को तिरंगा झंडा फहराता है और राष्ट्रगान बजता है, तो उन्हें लगता है कि उनका नाम उन्हें देश से जोड़ता है। आज उन्हें अपने नाम पर गर्व है और उनका मानना ​​है कि यह उन्हें लाखों लोगों के बीच एक अलग पहचान देता है। शहर में ज़्यादातर लोग उन्हें उनके अनोखे नाम से जानते हैं। गणतंत्र दिवस के आस-पास लोग खास तौर पर उन्हें बधाई देने आते हैं। कई लोग उनके साथ फ़ोटो और सेल्फ़ी लेना पसंद करते हैं। उनकी कहानी मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गई है।
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