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Republic Day : गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों को पद्मश्री…! गुमनाम नायकों को मिलेगा सम्मान

Police Action: After the Supreme Court stayed his arrest, notorious history-sheeter Rohit Singh Tomar is being interrogated at the Purani Basti police station... Watch the VIDEO here.

Police Action

रायपुर, 25 जनवरी। Republic Day : गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख व्यक्तित्वों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इनमें बस्तर की बुधरी थाती, रामचंद्र गोड़बोले, और संगीता गोड़बोले का नाम शामिल है।

बुधरी थाती को पद्मश्री सम्मान

छत्तीसगढ़ के सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी साहसी सेवा के लिए बुधरी थाती को पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बस्तर के दुर्गम इलाकों में शिक्षा की अलख जगाई और महिलाओं तथा बच्चों के जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें ‘बड़ी दीदी’ के नाम से जाना जाता है, और राष्ट्र की शिक्षा प्रणाली के प्रति उनके अडिग समर्पण को इस पुरस्कार के माध्यम से सम्मानित किया जा रहा है।

रामचंद्र और संगीता गोड़बोले

इसके अलावा, रामचंद्र गोड़बोले और संगीता गोड़बोले को भी उनके समाज सेवा कार्यों के लिए पद्मश्री से नवाजा जाएगा। इन दोनों ने अपनी सेवा से समाज में एक नई जागरूकता फैलाने और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है।

अन्य सम्मानित व्यक्तित्व

सूत्रों के मुताबिक, पद्मश्री पुरस्कारों की सूची में कई अन्य गुमनाम नायकों का नाम भी शामिल है जिन्होंने अपने अद्वितीय योगदान से समाज को गौरवान्वित किया है। इनमें कैलाशचंद, ब्रज लाल भट्ट, डॉ. श्याम सुंदर, चरण हेम्ब्रम, भगवंदास रायकवार, और मीर हाजीभाई कासमभाई जैसे कई नाम शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सरकार उन लोगों को सम्मानित करती है जिन्होंने समाज में बदलाव लाने के लिए अत्यधिक संघर्ष किया है। इन व्यक्तियों ने अपनी मुश्किलों और बाधाओं के बावजूद अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक प्रभाव डाला।

समाज सेवा और संरक्षण के क्षेत्र में योगदान

पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले इन व्यक्तियों में से कई ने अपनी मेहनत से स्वदेशी विरासत, पारंपरिक कलाओं, और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की सेवा की है। कुछ ने स्वच्छता, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इस वर्ष की सूची में जिन व्यक्तियों को पद्मश्री मिलने जा रहा है, वे अपने जीवन में कठिन संघर्षों और व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इन सम्मानित व्यक्तित्वों ने समाज के कमजोर वर्गों, जनजातीय भाषाओं, और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करने के लिए काम किया है। सूची में शामिल अन्य नाम आधिकारिक घोषणा के बाद कई अन्य नामों का खुलासा किया गया है जिनमें भिकल्या लडक्या धिंडा, श्रीरंग देवाबा लाड, रघुपत सिंह, राजस्तपति कालियप्पा गौंडर, ओथुवर तिरुथनी स्वामिनाथन, नरेश चंद्र देव वर्मा, गफरुद्दीन मेवाती जोगी, और संग्यूसांग एस. पोंगेनेर जैसे व्यक्ति शामिल हैं। यह पुरस्कार उन असाधारण व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने जीवन में व्यक्तिगत संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन समाज की भलाई के लिए लगातार काम किया। पद्मश्री से सम्मानित होने वाले इन व्यक्तित्वों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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