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Liquor Scam : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा अपडेट…! सौम्या चौरसिया, चैतन्य बघेल और कवासी लखमा सहित 40 से ज़्यादा याचिकाओं पर सुनवाई 28 जनवरी तक स्थगित

Transfer Posting: Major reshuffle in the Commercial Tax Department…! 12 officers transferred… See the list here.

Transfer Posting

रायपुर, 21 जनवरी। Liquor Scam : सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामलों से जुड़ी 40 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को होने वाली सुनवाई स्थगित कर दी है। शीर्ष अदालत ने अब इन सभी मामलों की अगली सुनवाई की तारीख 28 जनवरी तय की है। इन याचिकाओं में कई आरोपितों की जमानत याचिकाएं भी शामिल हैं।

सौम्या चौरसिया याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया। सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव एवं विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के पद पर पदस्थ रही हैं।

कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जांच एजेंसियों द्वारा उन्हें छत्तीसगढ़ शराब घोटाला प्रकरण में पुनः गिरफ्तार किया गया था। सौम्या चौरसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि यह मामला एक ही प्राथमिकी को लगातार बनाए रखने का है, जो सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों की अवहेलना को दर्शाता है।

वहीं, सौम्या चौरसिया सहित अन्य आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वर्ष 2019 से अब तक उनके खिलाफ लगाए गए आरोप और साक्ष्य समान बने हुए हैं। इस पर पीठ ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर भी 28 जनवरी को सुनवाई करेगा। हालांकि, इस याचिका पर फिलहाल अदालत ने नोटिस जारी नहीं किया है।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लाखमा की जमानत याचिका (Liquor Scam) पर भी अगली सुनवाई की तारीख 28 जनवरी को विचार करेगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से जुड़े आरोपितों और जांच एजेंसियों की कुल 40 से अधिक याचिकाएं एक साथ सूचीबद्ध थीं, जिन पर विस्तृत सुनवाई अब आगामी तिथि को की जाएगी।

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