रायपुर, 21 जनवरी। Higher Education : प्रदेश के विश्वविद्यालयों से जुड़े प्रशासनिक विषयों और नियुक्ति प्रक्रियाओं में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका जी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश संगठन मंत्री महेश साकेत, प्रदेश मंत्री अनंत सोनी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य यज्ञदत्त वर्मा, प्रदेश सह मंत्री प्रथम राव फुटाने और रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता शामिल रहे। ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख विषयों पर राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया गया।
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में कुलसचिव विवाद
ABVP ने बताया कि पाटन (दुर्ग) स्थित महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद को लेकर गंभीर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक ओर आर.एल. खरे को पुनः कुलसचिव नियुक्त किया गया है, वहीं दूसरी ओर यशवंत केराम पहले ही कुलसचिव का पदभार ग्रहण कर चुके हैं। एक ही पद पर दो नियुक्तियों से विश्वविद्यालय का प्रशासन प्रभावित हो रहा है। परिषद ने इस विषय में स्पष्ट और एकरूप दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
लोकभवन के निर्देशों पर आपत्ति
ABVP ने लोकभवन द्वारा 30 दिसंबर 2025 को जारी पत्र पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कर्मचारियों की राज्य शासन के प्रति प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर होती प्रतीत हो रही है। परिषद का मत है कि इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और संतुलन प्रभावित हो सकता है।
CSVTU के पूर्व कुलपति की लंबित जांच
भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) के पूर्व कुलपति प्रो. एम. के. वर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब तक पूरी नहीं होने पर ABVP ने नाराजगी जताई और जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने की मांग की।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में कुलपति नियुक्ति
ABVP ने खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। परिषद का कहना है कि नियुक्त कुलपति पर पूर्व में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कुप्रबंधन के गंभीर आरोप रहे हैं, जिन पर समुचित विचार किए बिना नियुक्ति की गई। परिषद ने नियुक्ति पर पुनर्विचार और आवश्यक जांच की मांग की।
प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रही है। कई विश्वविद्यालयों में आज भी स्थायी कुलपति और कुलसचिव नियुक्त नहीं हैं, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं, महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रस्तुत मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

