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Big Controversy : DMF बनाम CSR विवाद…केंद्र के निर्देशों की अनदेखी पर ननकीराम कंवर के तल्ख तेवर…! मुख्य सचिव से मांगा जवाब

Major Controversy: DMF vs. CSR dispute... Nankiram Kanwar's strong reaction to the disregard of central government directives! Demands explanation from the Chief Secretary.

Major Controversy

कोरबा, 18 जनवरी। DMF vs CSR Controversy : भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर केंद्र सरकार ने राज्य शासन को पुनः स्मरण पत्र भेजा है। मामला दर्री के ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाठा होते हुए बालको तक सड़क निर्माण को लेकर है, जिसे डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से स्वीकृत किए जाने पर ननकी राम कंवर ने आपत्ति दर्ज कराई है।

CSR से बननी थी सड़क, DMF से स्वीकृति पर विवाद

ननकी राम कंवर का कहना है कि उक्त सड़क का निर्माण बालको कंपनी के CSR फंड से होना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद केंद्र को शिकायत और जांच के निर्देश जारी होने के बाद भी डीएमएफ मद से लगभग 26 करोड़ रुपये स्वीकृत कर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।

कंवर द्वारा दोबारा लिखे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए भारत सरकार ने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन (विकासशील) को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। पत्र में मामले पर स्पष्ट जवाब, आवश्यक कार्रवाई और की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को देने के निर्देश दिए गए हैं।

जानें पूरा मामला

पूरा मामला बालको कंपनी द्वारा पूर्व में निर्मित सड़क के जीर्णोद्धार कार्य से जुड़ा है। ननकी राम कंवर ने 02 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री को लिखित शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि, बालको द्वारा निर्मित सड़क, बालको कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से डीएमएफ फंड (जिला खनिज संस्थान न्यास मद) से स्वीकृत की गई, जिससे खनिज न्यास मद की राशि का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हुआ है।

इस पर भारत सरकार ने 18 अगस्त 2025 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी किया। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर 24 नवंबर 2025 को पुनः नोटिस भेजा गया।

टेंडर जारी होने पर गंभीर सवाल

ननकी राम कंवर का आरोप है कि केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्थानांतरण से पूर्व ही उक्त कार्य को टेंडर प्रक्रिया में डलवा दिया गया और टेंडर भी जारी कर दिया गया।

केंद्र के निर्देशों की अवहेलना?

गौरतलब है कि भारत सरकार पहले ही इस निर्माण कार्य की जांच के निर्देश दे चुकी है। इसके बावजूद कार्य को आगे बढ़ाया जाना केंद्र सरकार के आदेशों और डीएमएफ गाइडलाइन की अवहेलना को दर्शाता है।

टेंडर निरस्त करने की मांग

ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार द्वारा जारी पत्रों का हवाला देते हुए, उक्त टेंडर को तत्काल निरस्त करने, सड़क निर्माण कार्य बालको कंपनी के CSR फंड से कराने, डीएमएफ मद से कार्य स्वीकृत कराने में रुचि रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

इसी क्रम में भारत सरकार के खान मंत्रालय के अवर सचिव द्वारा 13 जनवरी 2026 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजकर एमएमडीआर एक्ट एवं पीएमकेकेकेवाई (PMKKKY) गाइडलाइंस के तहत आवश्यक कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई से प्रार्थी और मंत्रालय को शीघ्र अवगत कराने का पुनः अनुरोध किया गया है।

अब देखना होगा कि राज्य सरकार टेंडर प्रक्रिया निरस्त (DMF vs CSR Controversy) करती है या फिर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और डीएमएफ गाइडलाइंस की अवहेलना करती है।

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