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Forest Guest House : गरियाबंद के बाद अब सूरजपुर में भी फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में डर्टी ‘अर्धनग्न’ डांस…यहां देखें Video

Forest Guest House: After Gariaband, now a 'semi-naked' dance at a forest guest house in Surajpur... Watch the video here.

Forest Guest House

सूरजपुर, 13 जनवरी। Forest Guest House : गरियाबंद जिले के बाद अब सूरजपुर जिले में वन विभाग के विश्राम गृह में अश्लील डांस और शराबखोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पर्यटन स्थल कुमेली स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस के भीतर कुछ लोग फर्श पर बैठे हुए हैं और उनके सामने युवतियां आपत्तिजनक गानों पर नृत्य कर रही हैं। वीडियो में खुलेआम शराबखोरी भी नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम रात के समय का है।

प्रशासन के लिए नई चुनौती

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही गरियाबंद जिले में एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में बार बालाओं के अर्धनग्न डांस का मामला सामने आया था, जिसने पूरे प्रदेश में प्रशासन की किरकिरी कराई थी। वह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब सूरजपुर से सामने आया यह नया वीडियो प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुमेली स्थित फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में लंबे समय से रात के समय अय्याशी की महफिल सजती रही है। यहां कथित तौर पर अश्लील डांस, शराबखोरी और जुए जैसी गतिविधियां खुलेआम चलती हैं। बताया जा रहा है कि दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं और पूरी रात गेस्ट हाउस में जमावड़ा लगा रहता है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार यह सिलसिला पिछले तीन से चार वर्षों से जारी है, लेकिन संबंधित विभाग ने कभी सख्त कार्रवाई नहीं की। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब वन विभाग के विश्राम गृहों की सुरक्षा, निगरानी और बुकिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी विश्राम गृह किसके संरक्षण में अवैध मनोरंजन का केंद्र बन गया? गेस्ट हाउस की बुकिंग और चाबी किसके पास थी? वहां ठहरने वालों का एंट्री रजिस्टर कौन संधारित करता है? और क्या बिना विभागीय अनुमति के बाहरी लोगों को रुकने दिया गया?

फिलहाल वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि मामले में जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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