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Widespread Public Awareness Program : बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्यव्यापी जागरूकता अभियान तेज, ऑनलाइन शपथ और डिजिटल प्रमाण पत्र से बढ़ी जनभागीदारी

Widespread Public Awareness Program: State-wide awareness campaign intensified towards a child marriage-free Chhattisgarh; online pledges and digital certificates boost public participation.

Widespread Public Awareness Program

रायपुर, 12 जनवरी। Widespread Public Awareness Program : छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” एवं “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसकी रोकथाम में समाज की भूमिका के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रमों के दौरान ऑनलाइन लिंक एवं क्यूआर कोड के माध्यम से लोगों को “बाल विवाह मुक्त” रहने की शपथ दिलाई जा रही है तथा सहभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता निभाई है।

जागरूकता सत्रों में बताया गया कि वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह कराने पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। शासन द्वारा 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा पंचायतों में विवाह पंजीयन को अनिवार्य किया गया है।

कार्यक्रमों में यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसे क्रूरता की श्रेणी में रखा गया है, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में स्पष्ट किया है। यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले, तो इसकी तत्काल जानकारी पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 पर देने की अपील की गई। राज्य सरकार का लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करना है। इस दिशा में निरंतर चल रहे जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है और बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक संकल्प मजबूत हो रहा है।

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