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NMEO-OP : ऑयल पाम खेती को बढ़ावा…आतिरिक्त अनुदान से किसानों की आय में इजाफा, खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

NMEO-OP: Promoting oil palm cultivation... Additional subsidies will increase farmers' income and is a major step towards self-reliance in edible oils.

NMEO-OP

रायपुर, 12 जनवरी। NMEO-OP : खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।

सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों।

ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है।

विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान

राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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