रायपुर, 10 जनवरी। Student Rights : कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा छात्रों के 5 सूत्रीय मांगों को लेकर किए गए आंदोलन का असर सामने आया है। आज विश्वविद्यालय प्रशासन ने 75 निलंबित छात्रों को पुनः प्रवेश देने का आदेश जारी किया और निष्कासन तथा अन्य लंबित मांगों के समाधान के लिए 7 दिन की समय-सीमा का आश्वासन दिया।
ज्ञात हो कि 20 दिसंबर 2025 को छात्रों द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने दिनांक 27 दिसंबर 2025 को आंदोलन में शामिल छात्रों पर अनधिकृत विरोध प्रदर्शन, अव्यवस्थित आचरण और अधिकारियों से दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाते हुए कुछ छात्रों को निष्कासित और कुछ को 6 माह के लिए निलंबित कर दिया था।
ABVP ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए विरोध किया और स्पष्ट किया कि छात्र अपनी शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने का पूर्ण अधिकार रखते हैं।
मैस, Wi-Fi और शुल्क सुधार सहित अन्य मांगों का वादा
आज दिनांक 08 जनवरी 2026 को रायपुर महानगर ABVP द्वारा किए गए आंदोलन के बाद रजिस्ट्रार ने तुरंत सभी 75 निलंबित छात्रों को पुनः प्रवेश प्रदान किया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्कासन और अन्य मांगों के समाधान के लिए 7 दिन का समय देने का आश्वासन दिया।
ABVP की प्रमुख मांगें थीं, निष्कासित एवं निलंबित छात्रों को तत्काल पुनः प्रवेश दिया जाए। आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के साथ भविष्य में भेदभाव न किया जाए। हॉस्टल मैस में भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। विश्वविद्यालय एवं हॉस्टल परिसर में प्रभावी Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराई जाए। संगोष्ठी/सेमिनार शुल्क को अनिवार्य से स्वैच्छिक बनाया जाए।
रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा, कलिंगा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों पर की गई निष्कासन एवं निलंबन की कार्रवाई तानाशाही को दर्शाती है। ABVP के आंदोलन के दबाव में प्रशासन को आज सभी छात्रों को पुनः प्रवेश देना पड़ा। यदि 7 दिनों में शेष समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो ABVP बड़े आंदोलन और विश्वविद्यालय बंद जैसे कदम उठा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

