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Jamboree Controversy : स्काउट्स एंड गाइड्स विवाद में आया नया मोड़…! बृजमोहन अग्रवाल ने सार्वजनिक किया अनुमोदन पत्र…इधर राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी सख्त संदेश

Jamboree Controversy: A new twist in the Scouts and Guides controversy…! Brijmohan Agrawal makes approval letter public…Meanwhile, the national president also sends a strong message.

Jamboree Controversy

रायपुर, 10 जनवरी। Jamboree Controversy : स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद से सांसद बृजमोहन अग्रवाल को हटाए जाने का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इस पूरे मामले में बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय मुख्यालय से जारी पत्र सार्वजनिक किया है, जिसमें उनके पांच साल तक प्रदेश अध्यक्ष बने रहने के प्रस्ताव को अनुमोदन दिए जाने की पुष्टि की गई है।

बताया गया है कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ की परिषद की बैठक 8 अक्टूबर 2024 को हुई थी। इस बैठक में सभी सदस्यों की आम सहमति से राज्य के उपनियम में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया था। संशोधन में स्पष्ट किया गया था कि आगामी पांच वर्षों तक बृजमोहन अग्रवाल ही राज्य अध्यक्ष रहेंगे।

इसके साथ ही उपनियम की कंडिका 10 के तहत यह भी तय किया गया था कि शिक्षा मंत्री को संरक्षक पद के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इन संशोधनों के अनुमोदन के लिए 21 दिसंबर 2024 को राज्य इकाई द्वारा भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय को पत्र भेजा गया था। इसके जवाब में 15 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय मुख्यालय ने पत्र जारी कर यह जानकारी दी कि सक्षम अधिकारी द्वारा सभी संशोधनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

अब इस पत्र के सामने आने के बाद विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है, वहीं जंबूरी के बीच यह मामला संगठन के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन की दो टूक

वहीं दूसरी ओर, स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद पर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने साफ और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और नियमों के अनुसार ही संचालित होता है और किसी भी पद पर नियुक्ति या बदलाव राष्ट्रीय मुख्यालय की स्वीकृति के बिना मान्य नहीं होता।

अनिल जैन ने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा जिस निर्णय को अनुमोदन दिया गया है, वही अंतिम और प्रभावी माना जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश इकाई में किए गए किसी भी संशोधन या प्रस्ताव को तब तक लागू नहीं माना जा सकता, जब तक उसे राष्ट्रीय स्तर पर विधिवत मंजूरी न मिल जाए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जंबूरी जैसे बड़े आयोजन को विवादों से दूर रखना संगठन की प्राथमिकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध बच्चों और युवाओं के चरित्र निर्माण से जुड़ा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संयम और संगठनात्मक मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। अनिल जैन के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि जंबूरी अध्यक्ष विवाद पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है, हालांकि अब भी प्रदेश स्तर पर हलचल बनी हुई है।

 

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