रायपुर, 02 जनवरी। Congress Action : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी अनुशासन से जुड़ा बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि श्री तिवारी ने झीरम घाटी कांड की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग को पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। इस विषय को मीडिया में प्रचारित किया गया, जो पार्टी लाइन के विपरीत माना गया है।
पार्टी ने जताई नाराज़गी
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि झीरम घाटी की घटना भाजपा शासनकाल में हुई थी और इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन भाजपा सरकार की है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष कर रही है, ताकि पीड़ित परिवारों और प्रदेश की जनता को सच्चाई पता चल सके।
प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि वरिष्ठ प्रवक्ता होने के नाते तिवारी की जिम्मेदारी पार्टी की आधिकारिक लाइन के अनुरूप बयान देने की थी, लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का नाम जोड़कर सार्वजनिक बयान देना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है।
प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई देश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देशानुसार की गई है। नोटिस में कहा गया है कि यदि तय समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस संगठन में इसे अनुशासन और संगठनात्मक एकता बनाए रखने की सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।


