Water Contamination : दूषित पानी की चपेट में आया इंदौर…! मां ने दूध पतला करने मिलाया नल का पानी…सुबह मृत मिला 5 माह का मासूम
Shubhra Nandi
Water Contamination
इंदौर, 01 जनवरी। Water Contamination : देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में फैली जल त्रासदी की बेहद दुखद तस्वीर सामने आई है। यहां दूषित पेयजल की चपेट में आकर 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत हो गई। जिस मां ने बच्चे का दूध पतला करने के लिए नल का पानी मिलाया, वही पानी मासूम के लिए जानलेवा साबित हुआ।
भागीरथपुरा निवासी सुनील साहू ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि उनके बेटे अव्यान को कुछ दिन पहले उल्टी-दस्त के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाया गया। डॉक्टर की सलाह पर घर पर दवाइयां दी जा रही थीं। पिता के मुताबिक, बाजार से खरीदे गए दूध को नगर निगम के नल से आने वाले पानी में मिलाकर बच्चे को पिलाया गया, लेकिन उसी दूषित पानी के कारण बच्चे की तबीयत और बिगड़ती चली गई। 29 दिसंबर को अव्यान ने दम तोड़ दिया।
1100 से ज्यादा बीमार, 150 अस्पताल में भर्ती
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त की बीमारी से 1100 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 150 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पाइपलाइन में मिला नाले का पानी
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण नाले का गंदा पानी मिल गया, जिससे पूरे इलाके में संक्रमण फैल गया। इसी दूषित पानी को बीमारी और मौतों की मुख्य वजह माना जा रहा है।
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले एक हफ्ते में कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक छह महीने का बच्चा और छह महिलाएं शामिल हैं। मेयर ने मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इलाके में जल आपूर्ति बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और मामले की जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।