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Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum : जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय बन रहा प्रेरणा का केंद्र…देश-विदेश से उमड़ रहे पर्यटक

Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum: This museum dedicated to tribal freedom fighters is becoming a source of inspiration... attracting tourists from India and abroad.

Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum

रायपुर, 29 दिसंबर। Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum : नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित  आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है।

स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ ही बड़ी संख्या में आमजन संग्रहालय को देखने पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद लगभग दो महीनों के अंतराल में ही 72 हजार से अधिक दर्शक ने संग्रहालय का अवलोकन कर चुके है।

संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र

गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विभागीय मंत्री श्री राम विचार द्वारा भी निर्माण कार्यो की सतत निगरानी और दिशा-निर्देश दिए गए।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 01 नवम्बर को इस भव्य संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया गया। आगन्तुकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान की मिलती है जानकारी

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन होना गौरव की बात है। श्री बोरा ने कहा कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं, विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय  पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है।

नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा

श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ जनजातीय वर्गों के लिए बल्कि सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है।

देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं संग्रहालय देखने

संग्रहालाध्यक्ष डॉ. अनिल वीरूलकर ने बताया कि संग्रहालय देखने आने वाले दर्शकों में काफी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। संग्रहालय में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशोें से भी पर्यटक आ रहे हैं। हाल ही में नीदरलैंड के पर्यटकों का दल जनजातीय संग्रहालय देखने आये थे उन लोगों ने भी इस डिजिटल संग्रहालय की काफी प्रशंसा की। पिछले माह नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भी संग्रहालय का भ्रमण कर काफी सराहना की है। इसके साथ ही सेना के अधिकारी, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस

संग्रहालय परिसर में पर्यटकों व आगंतुकों के हिसाब से शुद्ध पेयजल, पार्किंग, शौचालय तथा सूचना केंद्र की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। संग्रहालय पूरी तरह सीसीटीवी से लैस है। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

संग्रहालय बेहद आकर्षक एवं जीवंत

झारखण्ड रांची से संग्रहालय देखने आए इस्लाम अंसारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर बने स्मारक संग्रहालय बेहद आकर्षक एवं जीवंत है। जीवंत इस्टेच्यु देख कर लगता है कि हम तत्कालीन समय में आ गये हैं। इन जीवंत प्रस्तुतियों से हमें उस काल की स्मृतियां महसूस होने लगती है।

संग्रहालय मनोरंजन के साथ ही ज्ञानवर्धक

नवा रायपुर से ही दोस्तों के साथ आए 11 वीं के छात्रगण मयंक, शनी और आयूष ने कहा कि संग्रहालय मनोरंजन के साथ ही ज्ञानवर्धक भी है। इस संग्रहालय में अपने  महापुरूषों और बलिदानियों के जीवत गाथा को देखकर गर्व महसूस हो रहा है।

संग्रहालय में संस्कृति और परंपराओं की धरोहर

अभनपुर से अपने परिवार के साथ आयी ग्रहणी नूतन चंद्राकर ने कहा कि संग्रहालय बेहद आकर्षक है। उन्होंने राज्य के जनजातीय पुरोधाओं के योगदान को जीवंत करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिवादन किया। इसी तरह रायपुर चंगोराभाठा से आयी जयश्री सोनकर ने कहा कि संग्रहालय बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए अच्छा जगह है संग्रहालय में संस्कृति और परंपराओं को दर्शाया गया है इससे हमे इतिहास की जानकारी मिलती है।

संग्रहालय डिजिटली होने से युवाओं के ज्ञानवर्धन के लिए और आसान

धमतरी से अपने परिवार सहित संग्रहालय देखने आये अजय श्रीवास्तव ने कहा कि संग्रहालय में सेनानियों की जीवंत झाखिया देखकर हमें विभिन्न जनजातीय आंदोलनों और क्रांतियों के संबंध में जानकारी मिलती है। संग्रहालय डिजिटली होने से युवाओं के ज्ञानवर्धन के लिए और आसान हो गया है। ऑडियों-वीडियों के माध्यम से हमें संग्रहालय का अवलोकन करने से ऐसा महसूस होता है कि हम स्वतंत्रता काल में हुए युद्ध के मैदान में सफर कर रहे हैं।

संग्रहालय परिसर में कोयतूर बाजार

संग्रहालय परिसर में कोयतूर बाजार भी लगा हुआ है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनजातीय महिलाएं स्व-सहायता के समूह के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रहे हैं। यहां हस्तशिल्प निर्मित कपड़े व जनजातीया आभूषणों का प्रदर्शन व विक्रय भी किया जा रहा है। जो दर्शकों लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं।

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