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Paddy Procurement : धान खरीदी का महाअभियान जारी…50.75 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी, 9.71 लाख किसानों को लाभ

Paddy Procurement: The massive paddy procurement campaign continues... 50.75 lakh metric tons of paddy purchased, benefiting 9.71 lakh farmers.

Paddy Procurement

रायपुर, 24 दिसंबर। Paddy Procurement : समर्थन मूल्य पर राज्य में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का महाअभियान अनवरत रूप से जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी के तहत् 22 दिसम्बर को जारी रिपोर्ट के अनुसार 50 लाख 75 हजार 155 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 9 लाख 71 हजार 342 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। मार्कफेड द्वारा धान खरीदी के भुगतान के लिए 11 हजार 911 करोड़ रूपए जारी किए गए है। इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 444 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 32 लाख 64 हजार 598 हेक्टेयर रकबा शामिल है। राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी में अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 31 लाख 9 हजार 299 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं कांकेर जिले 16 लाख 81 हजार 985 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है।

वहीं बिलासपुर जिले 15 लाख 24 हजार 686 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। जबकि गरियाबंद जिले 14 लाख 88 हजार 594 क्विंटल, रायगढ़ जिला 12 लाख 10 हजार 1 क्विंटल, कोण्डागांव 10 लाख 87 हजार 260 क्विंटल, धमतरी 11 लाख 13 हजार 660 क्विंटल, सरगुजा 10 लाख 3 हजार 484, सूरजपुर 11 लाख 45 हजार 117 क्विंटल धान खरीदी कर बढ़त बनाए हुए हैं।

इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तुंहर हाथ टोकन एप शुरू किया गया है। इससे किसानों को धान बेचने में काफी सहुलियत मिल रही है। अब किसानों के लिए 24 घंटे सातों दिन टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इससे भी किसानों को टोकन कटाने एवं धान बेचने में आसान हो रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

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