CG Real Estate : छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू…! कंडिकाओं की संख्या घटी…औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि
Shubhra Nandi
CG Real Estate
रायपुर, 21 दिसंबर। CG Real Estate : छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए नई गाइडलाइन दरों को अनुमोदित कर 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है।
विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। नई गाइडलाइन में इन्हें दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 कर दिया गया है। इससे एक ही वार्ड में अलग-अलग दरों को लेकर आमजन में होने वाली भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
कंडिकाओं की संख्या घटी
वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप दरें तय की गई हैं। विश्लेषण के अनुसार नई गाइडलाइन दरों में औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उदाहरणस्वरूप महासमुंद जिले में रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा मार्ग से 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है।
इसी तरह यतियतनलाल वार्ड में दरें 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये की गई हैं। वार्ड क्रमांक 03 में एक ही मार्ग पर स्थित विभिन्न कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका बनाई गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक की दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर समान दरें लागू हो सकें।
स्टांप और पंजीयन प्रक्रिया होगी आसान
बरोण्डा चौक और बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। अन्य वार्डों में भी समान महत्व और परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में दरों को एकरूप किया गया है।
राज्य सरकार का उद्देश्य गाइडलाइन दरों को वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाना है, जिससे संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा नागरिकों को न्यायसंगत और स्पष्ट दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में भरोसेमंद और सुगम संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।