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Balco Township Protest : बालको की मनमानी पर भाजपा नेता बद्री अग्रवाल का तीखा विरोध…! G+9 प्रोजेक्ट निर्माण पर रोक लगाने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

Balco Township Protest: BJP leader Badri Agarwal strongly opposes Balco's arbitrary actions...! A memorandum was submitted to the District Magistrate demanding a halt to the construction of the G+9 project.

Balco Township Protest

कोरबा, 12 दिसंबर। Balco Township Protest :  बालको टाउनशिप में प्रस्तावित G+9 प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बिना विभागीय अनुमति और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी रहने के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बद्री अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कोरबा जिलाधीश अजीत बसंत को ज्ञापन सौंपते हुए निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

अनुमति के बिना शुरू हुआ विशाल निर्माण कार्य

अग्रवाल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि बालको प्रबंधन और उसकी ठेका कंपनी आल्हुवालिया द्वारा बिना विभागीय अनुमति, पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी और न्यायालयीय आदेशों का उल्लंघन करते हुए नवीन बालको टाउनशिप G+9 इमारत का निर्माण शुरू कर दिया गया है।

वन विभाग की रोक के बाद भी जारी रहा काम

वनमंडल कोरबा द्वारा जांच के बाद बालको और सब-कॉन्ट्रैक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि, शिकायत के निराकरण तक कार्य बंद रखा जाए, लेकिन उसके बावजूद निर्माण स्थल पर मशीनें चलती रहीं और काम बिना बाधा जारी रहा। अग्रवाल का आरोप है कि यह रवैया विभागीय आदेशों की खुली अवहेलना है।

पुराने वृक्षों पर संकट 

G+9 प्रोजेक्ट क्षेत्र में बरगद, पीपल, साल, आम सहित कई प्रजातियों के पुराने वृक्ष मौजूद हैं। इन पेड़ों को हटाने या स्थानांतरित करने पर पहले से ही कोर्ट की रोक लागू है। फिर भी कथित रूप से इन्हें हटाने की कोशिशें पर्यावरणीय नियमों के विपरीत बताई जा रही हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

काम बंद न हुआ तो होगा उग्र आंदोलन : अग्रवाल

ज्ञापन में चेतावनी देते हुए बद्री अग्रवाल ने कहा, यदि बिना अनुमतियों और नियमों के विपरीत निर्माण कार्य इसी तरह चलता रहा तो भाजपा युवा मोर्चा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी बालको प्रबंधन की होगी। अग्रवाल ने जिलाधीश से मांग की है कि, G+9 प्रोजेक्ट पर तत्काल रोक लगाते हुए निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करवाया जाए, ताकि पर्यावरण, न्यायालयीय आदेश और विभागीय प्रक्रिया का सम्मान कायम रह सके। यह मामला अब प्रशासन के लिए बड़े परीक्षण की घड़ी साबित हो सकता है।
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