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Guideline Rates : गाइडलाइन दरों पर भ्रम खत्म…! राज्य सरकार ने तथ्यों के साथ दी स्पष्टता…पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य

Guideline Rates: Confusion over guideline rates ends! The state government has provided clarity with facts...the registration process is completely normal.

Guideline Rates

रायपुर, 10 दिसंबर। Guideline Rates : नई गाइडलाइन दरों को लेकर फैल रही अफवाहों और भ्रम को दूर करने राज्य सरकार ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा स्वीकृत नई दरों को सरकार ने सरल, वैज्ञानिक और पारदर्शी बताते हुए कहा है कि इनके माध्यम से लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों का समाधान किया गया है।

कांकेर सहित पूरे प्रदेश में प्रक्रिया सामान्य, 98 दस्तावेजों का पंजीयन पूरा

सरकार ने स्पष्ट किया कि कुछ क्षेत्रों में यह गलत सूचना फैलाई जा रही है कि गाइडलाइन दरों में भारी वृद्धि हुई है या दस्तावेज पंजीयन ठप हो गया है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के बाद कांकेर जिले में लगभग 98 दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में नियमित पंजीयन कार्य बिना किसी बाधा के जारी है।

नगरीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरलीकरण

पूर्व में एक ही वार्ड में कई कंडिकाएं होने से समान भौगोलिक स्थिति के बावजूद दरों में भारी अंतर पाया जाता था, जिससे नागरिक असंतुष्ट थे। नवीन सर्वे और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद अब कंडिकाओं की संख्या में बड़ा सुधार किया गया है, कांकेर नगर पालिका: 21 वार्डों में कंडिकाएं 56 से घटाकर 26 की गईं। नगर पंचायत चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और पंखाजूर: 253 कंडिकाएं कम होकर 105 रह गईं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से गाइडलाइन दरें अब पहले से अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और व्यावहारिक हो गई हैं।

दर वृद्धि को लेकर फैला भ्रम निराधार

राज्य सरकार ने बताया कि गाइडलाइन दरों का अंतिम पुनरीक्षण 2019-20 में हुआ था। छह वर्षों बाद किए गए ताज़ा पुनरीक्षण में नगरीय क्षेत्रों में केवल 20% वृद्धि की गई है, जो कि पूरी तरह तार्किक और स्वाभाविक है। सरकार का कहना है कि यदि हर साल दरों को नियमित रूप से बढ़ाया जाता, तो वर्तमान दरें इससे कहीं अधिक होतीं।

ई-पंजीयन प्रणाली पूर्ण रूप से सक्रिय

कुछ जगहें यह अफवाह फैलाई जा रही है कि नई गाइडलाइन ऑनलाइन अपडेट न होने से पंजीयन ठप है। सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पंजीयन निर्बाध रूप से चल रहा है, और ऑनलाइन प्रणाली में किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

पुरानी गाइडलाइन दरों से पैदा होती थीं गंभीर समस्याएं

सरकार ने बताया कि पुरानी दरें जारी रहने से, काले धन के लेनदेन को बढ़ावा मिलता था। वास्तविक सौदा मूल्य अधिक होने पर भी पंजीयन कम दरों पर होता, जिससे अंतर की राशि अवैध धन बनती थी। संपत्तियों का गलत मूल्यांकन होने से खरीदारों को कम ऋण पात्रता मिलती थी। सरकारी अधिग्रहण की स्थिति में मुआवजा कम मिलता, जिससे किसानों और भूमि मालिकों को नुकसान होता। नई गाइडलाइन इन सभी समस्याओं का समाधान कर वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप दरें प्रदान करती है।

आम जनता से अपील

राज्य सरकार ने नागरिकों से किसी भी अफवाह या भ्रम में न आने की अपील की है। गाइडलाइन दरों से जुड़ी किसी भी शंका या जानकारी के लिए नागरिक अपने निकटतम पंजीयन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने नई गाइडलाइन दरों को प्रदेश में रियल एस्टेट लेनदेन को पारदर्शी बनाने, टैक्स चोरी रोकने और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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