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Expensive Electricity Bill : बढ़ेगी जेब पर मार…! बिजली कंपनी वसूलेगी 12% अतिरिक्त शुल्क…कैसे यहां जानें

Expensive Electricity Bill: The hit on your wallet will increase! The electricity company will charge an additional 12%... Learn how here.

Expensive Electricity Bill

रायपुर, 06 दिसंबर। Expensive Electricity Bill : प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नवंबर का बिल महंगा होने वाला है। बिजली कंपनी नवंबर माह के बिजली बिल में कुल 12% FPPAS (Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge) वसूलने जा रही है। इसका असर सीधे तौर पर प्रदेश के करीब 65 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

कैसे लगेगा 12% FPPAS?

कंपनी दो महीनों का समायोजन एक साथ कर रही है- इन दोनों को जोड़कर कुल 12% शुल्क बिजली बिल में जोड़ा जाएगा।

क्यों वसूला जाता है FPPAS?

FPPAS वह शुल्क है, जो बिजली उत्पादन में लगने वाले ईंधन की कीमतों, कोयले के परिवहन खर्च और बिजली खरीद लागत में बढ़ोतरी के आधार पर लगाया जाता है। इस बार ईंधन मूल्य और पावर परचेज कॉस्ट बढ़ने की वजह से यह अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।

किस पर पड़ेगा सीधा असर?

क्या होगा परिणाम?

नवंबर के बिजली बिल पिछले महीनों की तुलना में noticeably अधिक होंगे। सरकार और बिजली कंपनी का कहना है कि यह शुल्क नियमानुसार समायोजन प्रक्रिया का हिस्सा है। कुल मिलाकर, नवंबर में आने वाले बिजली बिल उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले हैं।

जानिए आसान भाषा में FPPAS क्या है?

FPPAS का पूरा नाम है – Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge। हिंदी में इसे ईंधन एवं विद्युत खरीद समायोजन अधिभार कहा जाता है। यह बिजली कंपनियों द्वारा लगाया जाने वाला एक समायोजन शुल्क है, जो बिजली उत्पादन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत के अनुसार हर महीने बदला जा सकता है।

FPPAS क्यों लगाया जाता है?

बिजली बनाने और खरीदने में कई तरह के खर्च होते हैं, जैसे- जब इन खर्चों में बढ़ोतरी होती है, तो बिजली कंपनी उस महीने के अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं के बिल में FPPAS जोड़ती है।

यह कैसे लगता है?

सरल शब्दों में FPPAS वह अतिरिक्त राशि है जो बिजली कंपनी ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से लेती है। यह सीधे तौर पर बिजली के उत्पादन/खरीद लागत में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।

FPPAS समझने का सरल उदाहरण

मान लीजिए, आपका सामान्य बिजली बिल = ₹1,000 (यह बिल आपकी यूनिट खपत और सामान्य दरों पर आधारित है)। अब बिजली कंपनी कहती है कि इस महीने ईंधन और बिजली खरीद की लागत बढ़ गई है। इसलिए वे 10% FPPAS जोड़ रहे हैं। तो बिल में FPPAS ऐसे जुड़ेगा- यानी FPPAS के कारण आपका बिल ₹100 बढ़ गया।
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