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Hanswani Vidya Mandir : पेड़ पर लटकाकर सजा देने का मामला…! हंसवानी विद्या मंदिर की मान्यता रद्द…संचालक पर FIR

Hanswani Vidya Mandir: A case of punishment by hanging from a tree…! Hanswani Vidya Mandir's recognition revoked… FIR against the director

Hanswani Vidya Mandir

सूरजपुर, 29 नवंबर। Hanswani Vidya Mandir : नर्सरी के मासूम बच्चे को पेड़ पर लटकाकर सजा देने के मामले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कठोर कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर हंसवानी विद्या मंदिर, नारायणपुर की मान्यता रद्द कर दी गई है और स्कूल संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई तब तेज हुई जब घटना पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर कड़ी टिप्पणी की थी।

ये है पूरा मामला

24 नवंबर को सूरजपुर जिले के नारायणपुर गांव स्थित हंसवानी विद्या मंदिर में KG-2 की क्लास में होमवर्क चेक किया जा रहा था। एक बच्चे ने होमवर्क नहीं किया था। इस पर टीचर ने पहले उसे क्लास से बाहर निकाला। इसके बाद बच्चे को स्कूल परिसर के एक पेड़ पर रस्सी से लटका दिया। किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया।

हाईकोर्ट की सख्ती

सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद, मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंचा। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बी. डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने इसे जनहित याचिका मानकर सुनवाई की और स्कूल शिक्षा सचिव से शपथपत्र सहित जवाब मांगा। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा।

शिक्षा विभाग की जांच

जांच में सामने आया कि जिस टीचर ने बच्चे को पेड़ पर लटकाया था, वह स्वयं नाबालिग थी। टीचर ने 2020 में 10वीं परीक्षा पास की थी। उसकी अंकसूची के अनुसार जन्मतिथि 02 दिसंबर 2007 है। इसी आधार पर वह 02 दिसंबर 2025 को 18 वर्ष की होगी। यानि स्कूल प्रबंधन ने अवैध रूप से नाबालिग को टीचर रख लिया था। प्रबंधन ने घटना सामने आते ही उसे पहले ही बर्खास्त कर दिया था।

मान्यता रद्द के साथ FIR दर्ज

कलेक्टर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने, हंसवानी विद्या मंदिर की मान्यता निरस्त कर दी। स्कूल संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई। साथ ही इस घटना के लिए प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया।

60 से अधिक बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा

स्कूल की मान्यता रद्द होने के बाद, यहां पढ़ रहे 60 से अधिक बच्चों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

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