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PM Awaas Yojana : ग्रामीण आवास योजना में पारदर्शिता… जियोटैग और ग्राउंड रिपोर्ट में पूर्ण सामंजस्य

PM Awaas Yojana: Transparency in rural housing scheme... complete harmony between geotags and ground reports

PM Awaas Yojana

रायपुर, 28 नवंबर। PM Awaas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ के कई पंचायतों में किए गए स्थल निरीक्षण में आवास निर्माण की स्थिति संतोषजनक पाई गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीबों और बेघर परिवारों को स्थायी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पक्का घर उपलब्ध कराना है।

योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री, प्रशिक्षित राजमिस्त्री, टिकाऊ डिजाइन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सभी आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही दर्ज किया जाता है। जिला स्तरीय निरीक्षण में भी यही तथ्य सामने आया।

छह ग्राम पंचायतों में निरीक्षण, अधिकांश आवास पूर्ण

कलेक्टर गरियाबंद उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में आवासों का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूरी तरह पूर्ण पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला। उसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था और निर्माण कार्य जारी होने के कारण गृह प्रवेश नहीं हो सका है। समिति ने स्पष्ट किया कि जियोटैगिंग नियमानुसार है और स्थिति वास्तविक प्रगति के अनुरूप ही डिजाइन की गई है।

जियोटैग–ग्राउंड रिपोर्ट पूरी तरह मेल खाती

प्रधानमंत्री आवास योजना में जियोटैगिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें आवास के हर चरण की स्थिति को डिजिटल रूप से दर्ज किया जाता है। कलेक्टर उईके ने कहा कि आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग को स्थल निरीक्षण से मिलाकर देखने पर पाया गया कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है और सभी जियोटैग वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्शाते हैं।

गरियाबंद के कई पंचायतों में आवास पूर्ण

निरीक्षण में कई पंचायतों में आवास पूरी तरह निर्मित पाए गए ग्राम पंचायत गोढियारी : हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण, मुडगेलमाल पंचायत : हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण, अमलीपदर पंचायत : हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास पूरी तरह पूर्ण पाए गए। लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और समय पर निर्माण सुनिश्चित हो सके।

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