रायपुर, 25 नवंबर। CG Education Department : सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में कठोर सुरक्षा उपाय लागू कर दिए हैं। ये निर्देश Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 तथा पशुधन विकास विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शन के आधार पर जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि प्रत्येक स्कूल के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को अब नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि यदि स्कूल परिसर या उसके आसपास आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को दें। साथ ही स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने आवश्यक अवरोधक उपाय करना भी अनिवार्य होगा।
यदि किसी छात्र को आवारा कुत्ते के काटने की घटना होती है, तो स्कूल प्रशासन तुरंत बच्चे को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने हेतु जिम्मेदार होगा, ताकि समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि ये सभी उपाय बच्चों के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी एवं स्कूल प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया है कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रदेश में यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेशों तथा पशुधन विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, ताकि स्कूल परिसर बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित बनाए जा सकें।

