रायपुर, 19 नवंबर। Digital Life Certificate : राज्य शासन ने पेंशनरों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate – DLC) जमा करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक की शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पेंशनर किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे “Jeevan Pramaan” मोबाइल ऐप अथवा वेबसाइट के माध्यम से अपना प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि के निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी पेंशनरों के लिए यह सुविधा लागू की गई है।
संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंक तथा जिला कोषालय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि पेंशन वितरण से पूर्व अधिक से अधिक पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन में कोई व्यवधान न आए।
इन निर्देशों के तहत भारतीय स्टेट बैंक सहित विभिन्न बैंक “डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0” के अंतर्गत राज्यभर में विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं। इन शिविरों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक की सहायता से पेंशनरों के DLC जनरेट किए जा रहे हैं।
भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार अब हर बैंक अपनी शाखा में आने वाले किसी भी पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने के लिए उत्तरदायी होगा, भले उसका खाता किसी अन्य बैंक में क्यों न हो। सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधाजनक व्यवस्था का लाभ लेते हुए समय पर अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करें, जिससे उनकी पेंशन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

