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Andhra-CG Border : हिडमा के मारे जाने के दुसरे दिन फिर मुठभेड़…IED विशेषज्ञ टेक शंकर और टॉप लीडर देवजी सहित 7 माओवादी ढेर

Andhra Pradesh-CG Border: Another encounter on the second day after Hidma's killing... 7 Maoists killed, including IED expert Tek Shankar and top leader Devji.

Andhra Pradesh-CG Border

सुकमा, 19 नवंबर। Andhra-CG Border : जिले से सटे आंध्रप्रदेश सीमा पर एक बार फिर सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है। यह वही इलाका है जहां कल कुख्यात माओवादी माड़वी हिडमा मारा गया था। ताजा जानकारी के मुताबिक, इसी क्षेत्र में अब एक और बड़ी सफलता मिली है।

देवजी के मारे जाने की जानकारी

अल्लूरी सीतारामा राजू जिले के जीएम वलसा क्षेत्र में आज सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक बड़ा नक्सली नेटवर्क ध्वस्त हुआ है। इस मुठभेड़ में कुख्यात IED विशेषज्ञ मेट्टूरु जोगाराव उर्फ ‘टेक शंकर’ सहित 7 माओवादी मारे गए हैं।

एडीजी (इंटेलिजेंस) महेश चंद्र लड्डा की पुष्टि

आंध्रप्रदेश के इंटेलीजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में भारी संघर्ष हुआ है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि मुठभेड़ में चार पुरुष और तीन महिला माओवादी ढेर हुए हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में हथियारबंद माओवादियों की गतिविधियों की मिली पुख्ता सूचना के बाद की गई।

7 माओवादी ढेर होने की जानकारी

मुठभेड़ में कम से कम 7 माओवादियों के मारे जाने की खबर है। घटनास्थल से हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की जा रही है। सुरक्षा बल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। सुरक्षा बलों को जंगल क्षेत्र में सक्रिय माओवादी कैडरों की सटीक जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तलाशी के दौरान माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में सातों नक्सली मारे गए।

हिडमा के मारे जाने के बाद लगातार दबाव

बीते 24 घंटे में दूसरी बड़ी सफलता से यह स्पष्ट है कि नक्सल संगठन पर सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हिडमा के खात्मे के बाद कई अंदरूनी मॉड्यूल कमजोर पड़े हैं और सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन तेज किए हुए हैं।

कौन था ‘टेक शंकर’?

मेट्टूरु जोगाराव उर्फ टेक शंकर आंध्र–ओडिशा बॉर्डर स्पेशल ज़ोनल कमेटी का सक्रिय और अत्यंत खतरनाक सदस्य था। वह IED बनाने का मास्टरमाइंड माना जाता था। पिछले कई वर्षों में माओवादियों द्वारा लगाए गए अधिकांश बारूदी सुरंगों और विस्फोटक ट्रैप्स के पीछे शंकर की भूमिका रही थी। पुलिस के अनुसार, उसकी तकनीकी विशेषज्ञता के कारण वह संगठन का बेहद महत्वपूर्ण काडर था।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ स्थल से हथियार, विस्फोटक सामग्री (Andhra Pradesh-CG Border) और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बल अब भी इलाके में गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं।  
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