Pandum Cafe : बस्तर में नई शुरुआत…हिंसा से हौसले तक, मुख्यमंत्री साय ने किया ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ

Pandum Cafe : बस्तर में नई शुरुआत…हिंसा से हौसले तक, मुख्यमंत्री साय ने किया ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ

रायपुर, 18 नवम्बर। Pandum Cafe : बस्तर में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की नई इबारत लिखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थापित ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके माओवादी सदस्यों के पुनर्वास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की एक सशक्त और संवेदनशील पहल है। इस कैफ़े के माध्यम से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति की राह पर लौट चुके युवाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री साय ने कैफ़े में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने उनकी नई शुरुआत की सराहना करते हुए कहा—
“पंडुम कैफ़े बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों का जीवंत प्रतीक है। यह कैफ़े आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल संदेश देता है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस ने कैफ़े में कार्यरत युवाओं को आतिथ्य सेवा, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता तथा उद्यमिता कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया है।

समर्पण कर चुके युवाओं की भावुक प्रतिक्रिया

कैफ़े में कार्यरत एक महिला सहयोगी ने कहा—
“हमने अंधेरे का समय देखा है, लेकिन अब समाज की सेवा करने का अवसर मिला है। यह हमारे लिए नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसने का अनुभव हमें सम्मान और शांति दे रहा है।”

एक अन्य सहयोगी ने कहा—
“पहले परिवार के लिए सम्मानजनक भविष्य का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर चला पा रहे हैं। प्रशासन का सहयोग हमारे लिए नई शुरुआत का आधार है।”

एक सदस्य ने समुदाय के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा—
“हमें लगा था कि मुख्यधारा में आना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने हमें अपनाया, प्रशिक्षण दिया और हमारे भीतर भरोसा जगाया।”

‘पंडुम’ बस्तर की पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। कैफ़े की टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” यह दर्शाती है कि यहाँ परोसी जाने वाली हर कॉफी साहस, संघर्ष पर विजय, और एक नई शुरुआत की कहानी साथ लाती है।

कार्यक्रम में हुई विशिष्ट उपस्थिति

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ‘पंडुम कैफ़े’ बस्तर के युवाओं के लिए नई दिशा का प्रतीक बन रहा है—जहाँ संघर्ष की कहानी अब उम्मीद की खुशबू में बदल रही है।

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