रायपुर, 29 अक्टूबर। PM Awaas : रोटी, कपड़ा और मकान को जीवन की बुनियादी आवश्यकताएं माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्का घर बनाना अक्सर एक सपना बनकर रह जाता है। मगर अब यह सपना हकीकत में बदल रहा है — प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत हजारों ग्रामीण परिवारों को अपने खुद के पक्के घर मिल चुके हैं।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते 18 महीनों में 60,184 से अधिक आवासों की स्वीकृति दी गई है। इनमें से बड़ी संख्या में मकान बनकर तैयार हैं और परिवार अब सुरक्षित, सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) — खुशियों की नई छत
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दिसंबर 2023 में जिले को 59,280 आवासों का लक्ष्य मिला।
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अब तक 50,559 परिवारों को ₹1.20 लाख प्रति परिवार की दर से आवास स्वीकृत।
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24,320 मकान बनकर तैयार, जबकि 26,239 आवासों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
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निर्माण की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में जा रही है।
कई ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण उल्लेखनीय गति से हुआ है —
खैरबनाकला (222 में से 179 पूर्ण), राजानवागांव (190 में से 151), खारा (198 में से 107), केसली (139 में से 123), भागुटोला (133 में से 109), सुकतरा (110 में से 105) जैसे गांवों में अब अधिकांश परिवार अपने नए घरों में बस चुके हैं।
जनमन आवास योजना — बैगा परिवारों के सपनों का आशियाना
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का विशेष अभियान —
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जिले में 9,625 बैगा परिवारों के लिए ₹2 लाख प्रति परिवार की लागत से आवास स्वीकृत।
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इनमें से 3,513 मकान बनकर तैयार हो चुके हैं।
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निर्माण में 95 दिवस का रोजगार महात्मा गांधी नरेगा योजना से जोड़ा गया है।
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परिवारों को शौचालय, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड और महतारी वंदन योजना जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा गया है।
उदाहरणस्वरूप —
केसमर्दा (272 में से 118 पूर्ण), ढोलबज्जा (248 में से 164), लूप (241 में से 109), अमनिया (333 में से 85), डालामहुआ (240 में से 90) गांवों में जनमन आवास बन चुके हैं और परिवार अब अपने नए घरों में रह रहे हैं।
रोजगार और आजीविका का नया आधार
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया —
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पीएम आवास में 90 दिन और जनमन आवास में 95 दिन का रोजगार नरेगा के माध्यम से उपलब्ध।
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₹261 प्रतिदिन की मजदूरी दर से औसतन ₹24,000 का भुगतान लाभार्थियों को सीधे उनके खातों में।
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साथ ही, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, नल-जल योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ भी।
सीईओ जिला पंचायत श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया —
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बिहान महिला समूह की महिलाएं अब “डीलर दीदी” बनकर बिल्डिंग मटेरियल उपलब्ध करा रही हैं।
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पशु शेड, कूप और डाबरी निर्माण से ग्रामीणों की आजीविका के नए साधन विकसित हो रहे हैं।
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सब्ज़ी उत्पादन, पशुपालन और सिंचाई साधनों से आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
कबीरधाम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जनमन आवास योजना ने न केवल हजारों परिवारों को पक्का घर दिया है, बल्कि रोजगार, सुरक्षा और सम्मान के साथ एक बेहतर जीवन की नींव भी रखी है।
“हर गरीब को घर, हर परिवार को सम्मान” — यह सपना अब हकीकत बन चुका है।

