रायपुर, 18 अक्टूबर। Kondagaon : कृषकों की आय में बढ़ोतरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा मछली पालन को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोण्डागांव जिले में मछली पालन को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, कोपाबेड़ा में 08 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक 10 दिवसीय मछुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत विभागीय योजना के तहत संपन्न हुआ, जिसमें जिले के 120 कृषकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य मछली पालकों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना एवं उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मछली पालन को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावसायिक मछली पालन, मत्स्य बीज उत्पादन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, मछलियों के रोग नियंत्रण एवं मार्केटिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने कृषकों को मछली पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
समापन समारोह में जनपद पंचायत कोंडागांव के उपाध्यक्ष श्री टोमेन्द्र सिंह ठाकुर, श्रीमती फागेश्वरी कश्यप, श्री एम.एल. राना (उप संचालक, मछली पालन), श्री योगेश देवांगन (सहायक मत्स्य अधिकारी), कु. अस्मिता सिन्हा व कु. नोमेश्वरी दीवान (मत्स्य निरीक्षक), नवदीप ठाकुर एवं महेश बघेल उपस्थित रहे। इस पहल से जिले में मछली पालन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषकों की आय में बढ़ोतरी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

