हरदोई, 01 सितंबर। Murder Mystery : संडीला के सराय मारूफपुर गांव से दो साल पहले गायब हुई महिला सोनम (30) के अपहरण और हत्या की गुत्थी को पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। मंगलवार को पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका का कंकाल, कपड़े और अन्य सामान एक सूखे कुएं से बरामद कर लिया है। मामले में दो आरोपियों अयूब और उसका बेटा समीदुल गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी मसीदुल अभी फरार है।
क्या है पूरा मामला?
6 अगस्त 2023 को सोनम के ससुर गंगाराम ने संडीला कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।सोनम बाजार जाने के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। मामले की विवेचना छह अधिकारियों ने की, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस यह मानकर चल रही थी कि सोनम किसी के साथ मर्जी से चली गई है।
जून 2025 में केस को मिली दिशा
जब मामला लंबित विवेचनाओं की सूची में शीर्ष पर पहुंचा, तो केस की जिम्मेदारी सीओ संडीला संतोष कुमार सिंह को सौंपी गई। तकनीकी जांच (मोबाइल लोकेशन वगैरह) में सोनम की अंतिम लोकेशन माधौगंज थाना क्षेत्र के जेहदीपुर गांव में मिली, जहां मसीदुल रहता है।
हत्या की साजिश और खुलासा
पुलिस ने जब मसीदुल के पिता अयूब और भाई समीदुल को हिरासत में लिया, तो उन्होंने पूरी साजिश कबूल कर ली।आरोपियों ने बताया कि 8 अगस्त 2023 को तीनों ने मिलकर सोनम की हत्या की और शव को गांव के बाहर झाड़ियों के बीच स्थित एक सूखे कुएं में फेंक दिया।
अजगर बना रुकावट
जब पुलिस कुएं तक पहुंची, तो अंदर एक विशाल अजगर नजर आया। वन विभाग की टीम ने अजगर को बाहर निकाला, जिसके बाद कुएं से कंकाल, कपड़े, सैंडल और हेयर क्लिप बरामद किए गए। सोनम के परिजनों ने सामान से उसकी पहचान की, और वे फफक कर रो पड़े।
प्रेम प्रसंग बना जानलेवा
जांच में सामने आया कि सोनम की मसीदुल से पहचान एक रांग नंबर के ज़रिए हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। सोनम मसीदुल के साथ दिल्ली भी गई थी, जहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ। वापस लौटने के बाद मसीदुल ने अपने परिवार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
कानूनी कार्रवाई और फरार मुख्य आरोपी
पुलिस ने अयूब और समीदुल को गिरफ्तार कर धारा 364 (अपहरण), 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 120बी (षड्यंत्र), और SC/ST एक्ट के तहत जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी मसीदुल की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस टीम को सम्मान
पुलिस अधीक्षक ने इस जटिल और लंबे समय से लंबित मामले का सफल खुलासा करने वाली टीम को ₹20,000 इनाम देने की घोषणा की है। इस केस ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीकी जांच और मजबूत पुलिस कार्यशैली किसी भी गुत्थी को सुलझा सकती है।
सोनम हत्याकांड का खुलासा न केवल परिजनों को न्याय की ओर एक कदम है, बल्कि यह पुलिसिंग में धैर्य, तकनीकी दक्षता और सतर्कता का प्रतीक भी है। अब सबकी नजरें मुख्य आरोपी मसीदुल की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।
यह मामला हरदोई पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
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