कोरबा, 26 सितंबर। Coal India : देश के कोयला कर्मचारियों को दुर्गा पूजा से पहले बड़ी राहत मिली है। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd) के करीब 2.18 लाख स्थायी कर्मचारियों को इस वर्ष 1,03,000 रुपए बोनस (PLR बोनस) के रूप में दिए जाएंगे। इस पर फैसला गुरुवार देर रात लिया गया और यूनियन व प्रबंधन के बीच सहमति बनने के बाद समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
बोनस भुगतान की तारीख 26 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। बोनस की यह राशि कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एससीसीएल (SECL) के स्थायी कर्मचारियों को दी जाएगी।
कड़ा मोलभाव, आधी रात को बनी सहमति
कोल इंडिया की जेबीसीसीआई- XI की मानकीकरण समिति की छठवीं बैठक गुरुवार शाम को शुरू हुई, जो रात तक चली। प्रबंधन ने शुरुआत में 90,800 रुपए बोनस का प्रस्ताव रखा, जिसे यूनियनों ने खारिज कर दिया। HMS और INTUC जैसी यूनियनों ने तो 1.5 लाख रुपए तक की मांग रखी।
प्रबंधन और यूनियन के बीच तीखी बहस हुई। दो बार बैठक से यूनियन प्रतिनिधि वॉकआउट कर गए। प्रबंधन 98,500 रुपए पर अड़ा रहा, लेकिन यूनियन 1.30 लाख की मांग पर अड़ी रही। अंततः तीसरी बैठक में आधी रात के बाद 1,03,000 रुपए पर सहमति बन पाई।
2024 से 9,250 रुपए की बढ़ोतरी
पिछले साल यानी 2024 में कोल इंडिया कर्मियों को 93,750 रुपए बोनस मिला था। इस वर्ष उसमें 9,250 रुपए की बढ़ोतरी करते हुए राशि 1.03 लाख रुपए तय की गई है। यह बोनस PLR (Profit Linked Reward) के तहत दिया जाता है।
18 वर्षों में 97 हजार रुपए की बढ़ोतरी
वर्ष 2007 में कोल इंडिया कर्मियों को केवल 6,000 रुपए बोनस दिया गया था। तब से लेकर अब तक बोनस में निरंतर वृद्धि हुई है।
- 2008 में बोनस बढ़कर 8,350 रुपए
- 2010 में 15,000 रुपए
- 2013 और 2015 में क्रमशः 6,000 और 8,500 रुपए की बढ़ोतरी
- 2023 में 85,000 रुपए
- 2024 में 93,750 रुपए
- और अब 2025 में 1.03 लाख रुपए
इस प्रकार 18 वर्षों में कोयला कर्मचारियों के बोनस में कुल 97,000 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कोरबा के 11 हजार कर्मियों को भी मिलेगा लाभ
कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी एसईसीएल (SECL) के अंतर्गत आने वाली गेवरा, कुसमुंडा और दीपका खदानों में कार्यरत करीब 11,000 कर्मचारी भी इस बोनस का लाभ उठाएंगे। कोरबा जिले में SECL के कुल 36,000 कर्मचारियों में से ये स्थायी कर्मचारी इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे।
कोयला कर्मियों में खुशी की लहर
बोनस समझौते के बाद कोल इंडिया के कर्मचारियों में उत्साह और संतोष का माहौल है। बोनस के इस तोहफे को उन्होंने दुर्गा पूजा के अवसर पर सरकार और प्रबंधन की ओर से एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा है।
कोल इंडिया के कर्मचारियों के लिए यह बोनस न केवल आर्थिक रूप से राहत देने वाला है, बल्कि यह उनके योगदान और मेहनत का सम्मान भी दर्शाता है। लगातार बढ़ती बोनस राशि यह भी संकेत देती है कि कोयला उद्योग की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है, और कर्मचारियों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।