Site icon AB News.Press

Burned Son with Fire : मां ने दिव्यांग बेटे को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया…हत्या की साजिश दो दिन पहले रची थी…आरोपी मां गिरफ्तार

Burned Son with Fire: Mother doused disabled son with petrol and burned him alive... The murder plot was hatched two days ago... Accused mother arrested

Burned Son with Fire

राजनांदगांव, 24 सितंबर। Burned Son with Fire : राजनांदगांव जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपने ही दिव्यांग बेटे को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के खुलासे के बाद आरोपी मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

ये है पूरा मामला

घटना 22 सितंबर की सुबह की है। मृतक वीरेंद्र साहू (35 वर्ष) अटल आवास पेण्ड्री ब्लॉक नं. 46 में पत्नी हिना साहू, मां सुहागा बाई, और दो बच्चों के साथ रहता था। वीरेंद्र दोनों पैरों से दिव्यांग था और बैसाखी के सहारे चलता था। सुबह वीरेंद्र और उसकी मां सुहागा बाई के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज हुई। पत्नी हिना ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली और अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने रेवाडीह चली गई। उसके जाने के बाद घर में सुहागा बाई ने बेटे पर पेट्रोल छिड़क कर उसे आग के हवाले कर दिया, और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।

पड़ोसियों ने की आग बुझाने की कोशिश

आग की लपटें और वीरेंद्र की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर दौड़े और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने पानी डालकर आग बुझाई। वीरेंद्र को गंभीर अवस्था में 108 एम्बुलेंस की मदद से राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई।

दो दिन पहले बनाई थी हत्या की योजना

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपी मां सुहागा बाई ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि, वह बेटे की शराबखोरी और गाली-गलौज से कई वर्षों से परेशान थी। 20 सितंबर को ही हत्या की साजिश रच ली थी। पेट्रोल खरीदकर उसे प्लास्टिक की बोतल में भरकर घर में छिपा कर रख दिया था। 22 सितंबर को बहस के बाद उसने बेटे पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

पत्नी हिना साहू (Son Burned with Fire) की रिपोर्ट पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 439/25 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रारंभ में धारा 109 बीएनएस (BNS) लगाई गई थी, बाद में धारा 103(1) BNS (गंभीर हत्या) भी जोड़ी गई। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य और आरोपी के स्वीकारोक्ति के आधार पर सुहागा बाई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

जांच में शामिल अधिकारी

इस संपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक राजेश साहू, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर यादव, शोभाराम बेरवंशी, आरक्षक राजकुमार बंजारा, कमल किशोर यादव और महिला आरक्षक हिमा चंद्राकर की भूमिका रही। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।
Exit mobile version